लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

जब पार्टनर अपनी बातें छुपाने लगे, तो रिश्ते पर क्या पड़ता है असर? एक्सपर्ट ने बताया

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

रिश्ते में प्यार के साथ बातचीत भी बहुत जरूरी होती है. जब दोनों साथी अपने मन की बातें, परेशानियां और खुशियां एक-दूसरे के साथ साझा करते हैं, तो आपसी समझ मजबूत होती है. लेकिन अगर एक पार्टनर हर छोटी-बड़ी बात खुलकर बताता है और दूसरा अपनी भावनाओं को अपने तक ही रखता है, तो धीरे-धीरे रिश्ते में दूरी महसूस होने लगती है. इस बारे में रिलेशनशिप कोच रत्ना अरोड़ा ने बताया कि अलग-अलग स्वभाव होना सामान्य है, लेकिन दोनों के बीच भावनात्मक समझ और बातचीत बनी रहना बहुत जरूरी है.

एक साथी के ज्यादा बोलने और दूसरे के चुप रहने से क्या होता है?

रत्ना अरोड़ा के मुताबिक, हर व्यक्ति अपनी भावनाएं एक ही तरीके से जाहिर नहीं करता. कुछ लोग अपने मन की बात तुरंत सामने रख देते हैं, जबकि कुछ लोग अपनी भावनाओं को पहले खुद समझने की कोशिश करते हैं और फिर बात करते हैं. इसलिए पार्टनर का कम बोलना हमेशा यह नहीं दिखाता कि वह रिश्ते में दिलचस्पी नहीं रखता.

हालांकि, अगर लंबे समय तक एक साथी ही अपनी बातें शेयर करता रहे और दूसरा लगातार चुप रहे, तो बोलने वाले पार्टनर को भावनात्मक अकेलापन महसूस हो सकता है. उसे लग सकता है कि वह रिश्ते में जितना जुड़ने की कोशिश कर रहा है, सामने वाला उतना साथ नहीं दे रहा.

चुप रहने वाला पार्टनर क्यों बना लेता है दूरी?

रत्ना अरोड़ा बताती हैं कि कई बार अपनी बात न कह पाना स्वभाव, पुराने अनुभव, झिझक या इस डर से जुड़ा हो सकता है कि सामने वाला उसकी बात को समझेगा या नहीं. ऐसे में बार-बार सवाल करने या जवाब देने के लिए दबाव बनाने से व्यक्ति और ज्यादा चुप हो सकता है.

दूसरी तरफ, जब पार्टनर को बार-बार कोई जवाब नहीं मिलता, तो उसके मन में शक और नाराजगी पैदा हो सकती है. धीरे-धीरे दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों पर मनमुटाव बढ़ने लगता है.

रिश्ते में बातचीत कैसे बढ़ाएं?

रिलेशनशिप कोच रत्ना अरोड़ा के अनुसार, ऐसे रिश्ते में सबसे पहले एक-दूसरे के लिए सुरक्षित और सहज माहौल बनाना जरूरी है. पार्टनर से यह पूछने के बजाय कि "तुम कुछ बताते क्यों नहीं?", प्यार से अपनी बात रखें और उन्हें भरोसा दिलाएं कि उनकी बात सुनी और समझी जाएगी.

अगर पार्टनर तुरंत अपनी सारी बातें शेयर नहीं करता, तो उसे थोड़ा समय दें. उसकी बात बीच में काटने, मजाक बनाने या तुरंत सलाह देने से बचें. कई बार सामने वाले को सिर्फ यह महसूस होना जरूरी होता है कि उसकी बात बिना किसी जजमेंट के सुनी जा रही है.

रत्ना अरोड़ा कहती हैं कि रिश्ते में बराबर बोलना जरूरी नहीं, लेकिन एक-दूसरे को समझने की कोशिश दोनों तरफ से होनी चाहिए. अगर दोनों साथी अपनी-अपनी जरूरत और भावनाओं को समझते हुए धीरे-धीरे बातचीत बढ़ाएं, तो रिश्ते में आई भावनात्मक दूरी को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: प्यार को बनाए रखना है बरकरार? पार्टनर से रोज पूछें ये 5 सवाल

The post जब पार्टनर अपनी बातें छुपाने लगे, तो रिश्ते पर क्या पड़ता है असर? एक्सपर्ट ने बताया appeared first on Prabhat Khabar.

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment