लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

चिन्मय दास की रिहाई के लिए प्रदर्शन:कोलकाता में पुलिस से भिड़े साधु-संत, वैरिकेड भी तोड़े; बवाल क्यों? – Bangladesh Chinmoy Krishna Das Release Protest Kolkata Ncpi

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

बांग्लादेश की जेल में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई की मांग को लेकर शनिवार को कोलकाता में प्रदर्शन हुआ। विभिन्न हिंदुत्ववादी संगठनों के साधु-संतों और कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा के सहयोगी दल नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के सदस्य भी इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारी बांग्लादेश के उप उच्चायोग तक मार्च निकाल रहे थे।

कैसे हुई पुलिस के साथ झड़प?

कोलकाता के बेकबागान इलाके में बांग्लादेश के उप उच्चायोग के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। बैरिकेड पार करने की कोशिश नाकाम रहने के बाद प्रदर्शनकारी उप उच्चायोग के बाहर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

क्या मांग कर रहे हैं प्रदर्शनकारी?

प्रदर्शनकारियों ने चिन्मय कृष्ण दास की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए नारे लगाए। चिन्मय दास को चिन्मय प्रभु के नाम से भी जाना जाता है। वह 2024 से जेल में बंद हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें उचित सुनवाई के बिना लंबे समय से हिरासत में रखा गया है।

यह भी पढ़ें: संसदीय समितियों में फेरबदल: थरूर, चन्नी और अनुराग ठाकुर को फिर मिली जिम्मेदारी, किसे मिला कौन-सा पद?

एनसीपीआई के कार्यकर्ता ने क्या आरोप लगाए?

एनसीपीआई के एक कार्यकर्ता ने दावा किया कि बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के शासन के दौरान हिंदू संत होने के कारण चिन्मय प्रभु को जेल में रखा गया है। कार्यकर्ता के मुताबिक, दास किसी हिंसा में शामिल नहीं थे और उन्हें अपनी मां के निधन पर पैरोल मांगनी पड़ी थी। उन्होंने संत की तत्काल रिहाई की मांग की। ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं।

एनसीपीआई चर्चा में कैसे आई?

एनसीपीआई त्रिपुरा में पंजीकृत एक कम चर्चित संगठन था। हालांकि, लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के बहुमत के इस पार्टी में विलय करने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देने के बाद यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। चिन्मय दास की रिहाई को लेकर शनिवार को हुए प्रदर्शन में भी पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हुए।


क्यों हुई थी दास की गिरफ्तारी? 

बांग्लादेश में हिंदू संत और पूर्व इस्कॉन नेता चिन्मय कृष्ण दास को 25 नवंबर 2024 को ढाका हवाई अड्डे के पास गिरफ्तार किया गया था। उन पर चटगांव में एक रैली के दौरान बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का कथित अपमान करने के आरोप में राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। 26 नवंबर 2024 को अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया। बाद में उन पर वकील सैफुल इस्लाम अलीफ की हत्या समेत कई अन्य मामले भी दर्ज हुए। सितंबर 2026 तक की रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें कुछ मामलों में जमानत मिलने के बावजूद अन्य मामलों के कारण रिहाई नहीं मिली है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

सुपरनोवा सुसाइड की इनसाइड स्टोरी:43वीं मंजिल से गिरने से पहले इसे पता था वो मर जाएगा, वजन बना जान का दुश्मन – Supernova Suicide Case Inside Story Father Knew He Die Sambhav Weight Proved Fatal

खबरों के खिलाड़ी:एसआईआर, ईसी की कार्यशैली पर बवाल; विशेषज्ञों ने बताया- क्यों उठ रहे विपक्षी एकजुटता पर सवाल – Khabaron Ke Khiladi Election Commission Cec Gyanesh Kumar Sir Controversy Opposition Allegation Expert Analyse

यूपी:आठ अक्तूबर को अखिलेश जाएंगे अयोध्या, राम मंदिर जाने या न जाने पर छिड़े सियासी कयास; ये है कार्यक्रम – Up: Akhilesh To Visit Ayodhya On August 8th, Sparking Political Speculation Over Whether To Visit Ram Temple;

बदरीनाथ:धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, दूसरे चरण की यात्रा में बढ़ी भीड़, लंबी कतारों से बुजुर्ग परेशान – Badrinath Dham Huge Rush Of Devotees During Second Phase Of Yatra Elderly Pilgrims Face Long Queues

धारापुरम उपचुनाव:स्टालिन के बयान पर बवाल, चुनाव आयोग पहुंची टीवीके; सीएम विजय का पलटवार, पढ़ें पूरा विवाद – Dharapuram By-election Political Uproar Over Ex Cm Stalin Statement Tvk Approaches Election Commission

12000+ सरकारी नौकरियां:इन सात पदों पर भर्तियों की आखिरी नजदीक, जल्द भर दें अपनी पसंद की सरकारी नौकरी का फॉर्म – Sarkari Naukri This Week 2026 Sbi Upsc Ese Ssc Chsl And Mp Police Jobs Closing Soon

Leave a Comment