महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर की गई ‘गूंगी गुड़िया’ टिप्पणी पर राज्य की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रचार पाने के लिए पार्टी बहुत निचले स्तर पर उतर गई है। वहीं, कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कि उसकी टिप्पणी राजनीतिक थी और माफी का कोई सवाल नहीं उठता।
फडणवीस ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस सिर्फ प्रचार पाने के लिए बेहद निचले स्तर की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि अब कोई कांग्रेस की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
सोमवार को महाराष्ट्र कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया। इसमें एनसीपी नेता धनंजय मुंडे, बीड जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर पत्रकार के सवाल से सुनेत्रा पवार को बचाते नजर आए। इसके बाद कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा “सुनेत्रा पवार, आखिर कब तक ‘गूंगी गुड़िया’ बनी रहेंगी?” सुनेत्रा पवार फिलहाल बीड जिले की संरक्षक मंत्री हैं।
एकनाथ शिंदे ने क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री का ही नहीं, बल्कि राज्य की सभी माताओं और बहनों का अपमान किया है। उन्होंने कांग्रेस से तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की। विवाद के बाद एनसीपी कार्यकर्ताओं ने मुंबई स्थित महाराष्ट्र कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
एनसीपी विधायक सना मलिक ने कहा कि कांग्रेस अपने ही इतिहास को भूल गई है। उन्होंने याद दिलाया कि कभी इंदिरा गांधी के खिलाफ ऐसी टिप्पणियों का कांग्रेस ने विरोध किया था। उन्होंने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से इस मामले पर स्पष्टीकरण और सार्वजनिक माफी की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि माफी नहीं मिलने पर विरोध को पूरे देश में फैलाया जाएगा और कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।
कांग्रेस ने माफी से क्यों किया इनकार?
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने माफी की मांग खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने कोई अपमानजनक या अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया और यह केवल एक राजनीतिक टिप्पणी थी। उन्होंने कहा कि इसमें किसी का अपमान करने की मंशा नहीं थी, इसलिए माफी का कोई सवाल ही नहीं उठता।
सपकाल ने बारामती लोकसभा चुनाव का भी जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सुनेत्रा पवार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत के बाद कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार वापस ले लिया था। उनके मुताबिक, राजनीतिक टिप्पणी को गलत तरीके से पेश करना स्वस्थ राजनीति के लिए ठीक नहीं है।


