बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाहर निकला कॉलर वाला जंगली हाथी पांचवें दिन भी सामान्य वन मंडल और वन विकास निगम के जंगलों में लगातार मूवमेंट कर रहा है। टाइगर रिजर्व से निकलने के बाद हाथी अब तक 100 किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर चुका है। फिलहाल उसकी मौजूदगी दर्रहा फाटक के आसपास के जंगल क्षेत्र में बनी हुई है, जहां वह पिछले दो दिनों से घूम रहा है।

हाथी की लगातार बदलती लोकेशन को देखते हुए वन विभाग के साथ रेलवे और बिजली विभाग भी अलर्ट मोड पर हैं। करीब 50 अधिकारी-कर्मचारी हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। कॉलर के माध्यम से हाथी की लोकेशन लगातार ट्रेस की जा रही है और उसकी दिशा के अनुसार संबंधित विभागों को सूचना दी जा रही है।
धतूरा क्षेत्र से आगे बढ़ने के बाद हाथी दर्रहा फाटक के आसपास पहुंचा है। इस दौरान हाथी कुछ खेतों में भी पहुंचा, जहां उसने फसलों को नुकसान पहुंचाया। वन विभाग की टीमें हाथी के आसपास के क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं। साथ ही ग्रामीणों को भी हाथी की मौजूदगी को लेकर सतर्क किया जा रहा है।
रेलवे को किया अलर्ट
दर्रहा फाटक के आसपास हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने रेलवे प्रबंधन को इसकी जानकारी दी है। रेलवे ट्रैक के आसपास हाथी के मूवमेंट की संभावना को देखते हुए ट्रेनों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। जरूरत के अनुसार ट्रेनों की गति नियंत्रित रखने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
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हाथी वाले क्षेत्र में बिजली सप्लाई बंद
हाथी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली विभाग को भी अलर्ट किया गया है। जिन क्षेत्रों में हाथी की मौजूदगी सामने आ रही है, वहां आवश्यकता के अनुसार बिजली आपूर्ति बंद की जा रही है। इसका उद्देश्य हाथी और ग्रामीणों दोनों को संभावित खतरे से बचाना है। वन विभाग की सूचना के आधार पर बिजली विभाग आवश्यक कदम उठा रहा है।
तीन वन इकाइयां कर रहीं निगरानी
कॉलर वाले हाथी की निगरानी में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, सामान्य वन मंडल और वन विकास निगम की टीमें लगी हुई हैं। इसके अलावा पुलिस, रेलवे और बिजली विभाग के अधिकारियों को भी हाथी की गतिविधियों की लगातार जानकारी दी जा रही है। टीमें हाथी की लोकेशन, दिशा और व्यवहार पर नजर रखते हुए उसके आगे बढ़ने वाले संभावित मार्गों की निगरानी कर रही हैं।
क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि कॉलर वाले हाथी की लगातार निगरानी की जा रही है। सभी संबंधित विभागों को हाथी की गतिविधियों की जानकारी दी जा रही है और उसकी लोकेशन के आधार पर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। फिलहाल विभाग की प्राथमिकता हाथी की सुरक्षित निगरानी के साथ ग्रामीणों, राहगीरों और रेलवे यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।