शहर की राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री एवं वार्ड क्रमांक 21 की पार्षद माया राजेश त्रिवेदी (58) का मंगलवार रात करीब 11 बजे निधन हो गया। परिजनों के अनुसार उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें अवंति अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

माया त्रिवेदी शहर में ‘भाभी’ के नाम से भी जानी जाती थीं। अपने बेबाक अंदाज और जनता के बीच सक्रियता के चलते उन्होंने स्थानीय राजनीति में अलग पहचान बनाई थी। उनके निधन की खबर मिलते ही समर्थक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता देर रात अस्पताल और उनके निवास पर पहुंचने लगे।
तीन दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहीं
माया राजेश त्रिवेदी ने उज्जैन की स्थानीय राजनीति में तीन दशकों से अधिक समय तक सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत महाराजवाड़ा-कार्तिक चौक ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में की थी। इसके बाद वे वार्ड क्रमांक 21 से लगातार तीसरी बार पार्षद चुनी गईं। अपने वार्ड में विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर उनकी सक्रियता के कारण उनकी स्थानीय स्तर पर पहचान बनी।
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2018 में निर्दलीय और 2023 में कांग्रेस प्रत्याशी
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद माया त्रिवेदी ने उज्जैन उत्तर विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा के वरिष्ठ नेता पारस जैन से हुआ था।
वर्ष 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें उज्जैन उत्तर सीट से अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा के अनिल जैन कालूहेड़ा से हुआ था। कांग्रेस संगठन में उन्हें पूर्व विधायक बटुकशंकर जोशी के समर्थक गुट से जुड़ा माना जाता था। उनके पति पंडित राजेश त्रिवेदी के साथ उनका उज्जैन के सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय जुड़ाव रहा।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पार्षद माया राजेश त्रिवेदी के आकस्मिक निधन पर उनके निवास पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

बुधवार सुबह निकलेगी अंतिम यात्रा
माया त्रिवेदी की अंतिम यात्रा बुधवार सुबह 11 बजे कार्तिक चौक स्थित उनके निवास से निकलेगी। इसके बाद शिप्रा नदी के तट स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, स्थानीय प्रशासनिक हलकों और सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया है।
