सीबीआई ने मंगलवार शाम चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस समेत पंजाब के नाै ठिकानों पर दबिश दी। सीबीआई की इस कार्रवाई से पंजाब में सियासी भूचाल आ गया है। आप ने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। वहीं विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार पर वार बताया।
दरअसल सीबीआई ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में उनके ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद ताबड़तोड़ छापेमारी में लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज समेत कई इलेक्ट्रॉनिक व अन्य सामग्री कब्जे में ली है। सीबीआई ने चंडीगढ़, मोहाली, संगरूर, गुरदासपुर, लुधियाना, रोपड़ के मोरिंडा और जालंधर में भी आरोपियों के ठिकानों की तलाशी ली। चंडीगढ़ में सीबीआई की रेड शाम सवा छह बजे से रात 11 बजे तक चली।
यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सोमवार के उस आदेश के बाद हुई जिसमें अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंजाब के डीजीपी को भेजी गई तीन चिट्ठियों में लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपते हुए आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने सीबीआई से दो महीने में जांच रिपोर्ट भी मांगी थी।
सीबीआई ने इस मामले में सीएम मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर, आरएस नागरा और अज्ञात सरकारी व निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई की टीम रोपड़ के मोरिंडा भी पहुंची जहां ओएसडी घुमन के करीबी के यहां तलाशी ली।
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की पोस्टिंग-तबादलों को प्रभावित करने, विभागीय कार्यवाही, नीतिगत मामलों, प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर, लाइसेंस, भूमि उपयोग परिवर्तन और संपत्ति विवादों से जुड़े मामलों में कथित तौर पर आर्थिक लाभ के लिए प्रभाव का इस्तेमाल किया जाता था। यह भी गंभीर आरोप है कि सरकारी अधिकारियों ने जारी होने से पहले आदेशों और नीतियों के मसौदे निजी लोगों तक पहुंचाए।


