लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

ईरान वॉर के बीच बीजिंग पहुंचे यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप, चीन ने खिंची ये चार लाल लकीरें

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

Donald Trump China Visit: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार (13 मई, 2026) को अपने दो दिवसीय चीन यात्रा के लिए बीजिंग पहुंच चुके हैं. डोनाल्ड ट्रंप की यह यात्रा चीन-अमेरिका के बीच संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के बीजिंग दौरे से पहले चीन ने अमेरिका के सामने चार लाल लकीरें खींच दी, जिसमें चीन ने कहा है कि इन्हें चुनौती नहीं दी जानी चाहिए.

चीनी दूतावास ने एक्स पर शेयर किया पोस्ट

अमेरिका स्थित चीनी दूतावास ने हाल ही में चीन-अमेरिका संबंधों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो अहम संदेश शेयर किए हैं, जिसमें बीजिंग की कूटनीतिक प्राथमिकताओं और वाशिंगटन के प्रति उसके रुख को स्पष्ट रूप से दोहराया गया है. इस संदेशों में एक तरफ चीन ने द्विपक्षीय संबंधों के लिए तीन सिद्धांतों का जिक्र किया है, जबकि दूसरी ओर उसने चार रेड लाइन्स का जिक्र किया है, जिसे किसी भी परिस्थिति में चुनौती न देने की बात कही गई है.

चीन की चार लाल लकीरों का मतलब क्या है?

चीनी दूतावास की तरफ से शेयर किए गए पोस्ट के मुताबिक, इनमें सबसे पहला मुद्दा ताइवान का है. चीन ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और किसी भी विदेशी हस्तक्षेप या ताइवान की आजादी के समर्थन को अपनी संप्रभुता के खिलाफ मानता है.

दूसरी रेड लाइन लोकतंत्र और मानवाधिकार से जुड़ी है. चीन का कहना है कि मानवाधिकार और लोकतंत्र के मुद्दों का इस्तेमाल उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए.

तीसरी रेड लाइन विकास के रास्ते और राजनीतिक व्यवस्थाएं हैं. बीजिंग का मानना है कि हर देश को अपने राजनीतिक व्यवस्था और विकास के मॉडल को चुनने का हक है और इसमें वह किसी भी बाहरी दबाव को वह स्वीकार नहीं करेगा.

चौथी और आखिरी रेड लाइन चीन के विकास के अधिकार से जुड़ी हुई है. चीन ने साफ संकेत दिया है कि उसके आर्थिक और तकनीकी विकास को रोकने या सीमित करने की कोशिशों को वह चुनौती के रूप में देखता है.

चीन-अमेरिकी संबंध के लिए तीन सिद्धांत क्या?

वहीं, चीनी दूतावास ने एक अन्य X पोस्ट में चीन-अमेरिका के संबंधों के लिए तीन सिद्धांतों के बारे में बताया. इसमें पहला सिद्धांत पारस्परिक सम्मान (Mutual Respect) है, यानी दोनों देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता, राजनीतिक व्यवस्था और राष्ट्रीय हितों का सम्मान करना चाहिए. दूसरा सिद्धांत पीसफुल कोएग्जिजटेंस है. जिसके तहत दोनों शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा के बावजूद टकराव से बचने और स्थिर संबंध बनाए रखने पर जोर दिया गया है और तीसरा सिद्धांत दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद सहयोग है, जिसका मतलब है कि व्यापार, अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाया जाए, ताकि दोनों देशों को समान रूप से इसका फायदा मिले.

यह भी पढ़ेंः चुनाव बाद कैबिनेट की पहले बैठक में UCC पर असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा ने लिया ये बड़ा फैसला


]
Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

‘मैं यह गारंटी देता हूं… भारत को नहीं होगा कोई नुकसान’, तेल संकट के बीच बोला रूस- जारी रहेगा ऊर्जा सप्लाई

ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज से गूंज उठी फिलीपिंस की सीनेट, गोलीबारी के बाद पूरी बिल्डिंग में मचा हड़कंप

Donald Trump In China: चीन पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, एयरपोर्ट पर रिसीव करने नहीं आए शी जिनपिंग, ड्रैगन का दुनिया को सीधा संदेश

ईरान वॉर से भारी ऊर्जा संकट, जानें कैसे निपट रहे पड़ोसी पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका

डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग दौरे से पहले US की बड़ी कार्रवाई, ईरान की मदद के आरोप में चीनी कंपनियों पर बैन

‘हम 90% यूरेनियम संवर्धन…’, ईरान ने दी अमेरिका को परमाणु हमले की बड़ी धमकी, क्या बिगड़ रहे मिडिल ईस्ट के हालात ?

Leave a Comment