Air Fare News: मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई का असर अब हवाई जहाज के टिकट तक पहुंच गया है. दुनिया की बड़ी एयरलाइन सिंगापुर एयरलाइंस ने खुद माना है कि जब से यह संघर्ष शुरू हुआ है तब से जेट फ्यूल की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है. इसका सीधा मतलब है कि एयरलाइनों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है और आने वाले दिनों में हवाई किराया और महंगा हो सकता है.
भारत की बात करें तो एयर इंडिया पर भी इस संकट की मार पड़ रही है. एयर इंडिया को इस वक्त चार बड़ी मुश्किलें एक साथ झेलनी पड़ रही हैं.
पहली- सप्लाई चेन की दिक्कतें
दूसरी- मिडिल ईस्ट के आसमान पर लगी पाबंदियां जिससे उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ रहा है
तीसरी- खाड़ी देशों के अहम बाजारों में ऑपरेशन पर असर
चौथी- बेतहाशा बढ़ा जेट फ्यूल
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सिंगापुर एयरलाइंस ने यह भी कहा कि वह टाटा संस के साथ मिलकर एयर इंडिया को इस मुश्किल से उबारने में मदद कर रही है. एयर इंडिया का फ्लीट अपग्रेड और नए विमानों का काम जारी है.
एक अच्छी खबर यह है कि दोनों एयरलाइनों ने मिलकर अपनी कोडशेयर उड़ानों का दायरा बढ़ाया है. 4 मई 2026 से 21 नए रूट जोड़े गए हैं, जिनमें एक घरेलू और 20 अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन शामिल हैं. अब दोनों एयरलाइनें मिलकर 27 देशों के 82 शहरों तक यात्रियों को पहुंचाती हैं.
एयरलाइन्स को झेलनी पड़ रही है फ्यूल की मार
सिंगापुर एयरलाइंस ने यह भी बताया कि उसने इस साल रिकॉर्ड 4 करोड़ 24 लाख यात्री ढोए, जो पिछले साल से करीब 8 फीसदी ज्यादा है. यानी लोग हवाई सफर तो जमकर कर रहे हैं लेकिन एयरलाइनों को फ्यूल की मार झेलनी पड़ रही है. सिंगापुर एयरलाइंस और उसकी सस्ती उड़ान कंपनी Scoot ने किराए बढ़ाए हैं, लेकिन खुद कंपनी ने माना कि यह बढ़ोतरी फ्यूल के खर्च की पूरी भरपाई नहीं कर पा रही.
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बता दें कि एयर इंडिया ने जून से अगस्त 2026 के बीच अपने कई इंटरनेशनल रूट्स पर उड़ानें घटाने या पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है. एयर ने खुद माना है कि ईंधन की रिकॉर्ड ऊंची कीमतें और कुछ देशों के हवाई क्षेत्र बंद होने की वजह से यह कदम उठाना पड़ा. मतलब साफ है अगर आपकी विदेश यात्रा की योजना है तो अभी से अपना टिकट और फ्लाइट दोबारा चेक कर लें.

