उत्तर प्रदेश की सियासत में क्रांतिधरा मेरठ हमेशा से सत्ता की चाबी माना जाता रहा है। आगामी चुनाव देखते हुए समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीतिक तैयारी तेज कर दी है। सपा के राजनीतिक गलियारों से जो बातें छनकर आ रही हैं उनमें यह है कि अगस्त के महीने में अखिलेश यादव अपना मेरठ कार्ड खोल सकते हैं ताकि प्रत्याशियों को मतदाताओं के बीच अपनी पैठ जमाने का समय मिल सके।
साथ ही टिकट को लेकर आपसी खींचतान भी खत्म हो जाए और प्रत्याशी मजबूती से चुनाव लड़ सकें। अगले साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। जनवरी-फरवरी में आचार संहिता लग सकती है। जिले की सातों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर पार्टी के भीतर सुगबुगाहट चरम पर है।