एक खालिस्तानी आतंकी ने मंगलवार को कहा कि एफबीआई और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी है कि उनके जान को खतरा है। वहीं,भारत के एक व्यक्ति को 2023 में उनके खिलाफ हत्या की साजिश रचने के लिए इस साल के अंत में सजा सुनाई जाएगी।


एफबीआई एजेंट ने क्या चेतावनी दी है?
सिख्स फॉर जस्टिस के जनरल काउंसल गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा कि पिछले गुरुवार को उनसे मिलने आए एफबीआई एजेंटों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि जब तक खतरा टल नहीं जाता, तब तक उन्हें यात्रा नहीं करनी चाहिए। वहीं, अगर वे यात्रा करते हैं, तो उन्हें अपनी योजनाओं के बारे में एजेंसी को पहले से बताना होगा।
उन्होंने बताया कि रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने मंगलवार को उन्हें फोन पर चेतावनी दी थी, हालांकि किसी भी कानून लागू करने वाली एजेंसी ने उस साजिश के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जिसका पता चला था। दोनों एजेंसियों से टिप्पणी के लिए भेजे गए संदेशों का तुरंत कोई जवाब नहीं मिला।
क्या है ड्यूटी टू वॉर्न?
पन्नू, जो एक अमेरिकी और कैनेडियन नागरिक है। उसने कहा कि उन्हें अमेरिका के ‘ड्यूटी टू वॉर्न’(चेतावनी देने का कर्तव्य) कानून के तहत चेतावनी दी गई। यह कानून अमेरिकी खुफिया और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को निर्देश देता है कि जब उन्हें हत्या, गंभीर शारीरिक नुकसान या अपहरण के विश्वसनीय और ठोस खतरों का पता चले, ते वे संबंधित व्यक्तियों को इसकी सूचना दें।
यह नई धमकी ऐसे समय में आई है जब भारत के निखिल गुप्ता, जिन्होंने फरवरी में साजिश के आरोपों में अपना जुर्म कबूल कर लिया था। उसे 2023 में पन्नू की हत्या की साजिश रचने के मामले में मैनहट्टन की फेडरल कोर्ट में 20 नवंबर को सजा होनी है।
निखिल गुप्ता को क्या सजा मिल सकती है?
एफबीआई ने कहा है कि गुप्ता को हत्या करने का निर्देश भारत सरकार के एक कर्मचारी ने दिया था। जब गुप्ता ने कोशिश की, तो अनजाने में उसने एक अंडरकवर लॉ एनफोर्समेंट ऑफिसर से बात की जो एक ‘हिटमैन’ (किराये का हत्यारा) बनकर बात कर रहा था। फेडरल सजा के नियमों के अनुसार, गुप्ता को कम से कम 20 साल जेल में बिताने पड़ सकते हैं।
पन्नू, जो एक अलग सिख देश बनाने की वकालत करते हैं। उन्होंने मंगलवार को एक फोन इंटरव्यू में कहा ‘मुझे उनकी जान से मारने की धमकियों से डर नहीं लगता।’ हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का प्रशासन अमेरिका और कनाडा की संप्रभुता के लिए खतरों को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करेगा। पन्नू ने खुद को एक सिख मानवाधिकार वकील बताया है जो पंजाब को ऐसी जगह बनाने के लिए अभियान चला रहे हैं जहां सभी धर्मों को समान अधिकार हों।
