प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत हिंद महासागर को ‘अवसरों का सागर’ बनाना चाहता है। पीएम मोदी इस समय सेशेल्स के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और आर्थिक प्रगति दोनों जरूरी हैं। भारत की साझेदारी देश के आकार पर नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और भरोसे पर टिकी है।
एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं रक्षा और सुरक्षा: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारा मानना है कि हिंद महासागर हमारा साझा घर है। इसकी सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि हमारी साझा जिम्मेदारी है। यही भारत के ‘महासागर’ विजन का मुख्य आधार है।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारा मानना है कि भारत और सेशेल्स की रक्षा और सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।’
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ अवॉर्ड उन देशों को समर्पित करता हूं जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।’
दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की व्यापक वार्ता हुई। पीएम मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की। इस दौरान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई।

पीएम मोदी के दौरे की पांच बड़ी बातें
- साझा घर की सुरक्षा: दोनों देशों ने माना कि हिंद महासागर हमारा साझा घर है। इसकी सुरक्षा और समृद्धि हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
- महासागर विजन: यह दृष्टिकोण भारत की ‘महासागर’ नीति का मुख्य हिस्सा है। इसका उद्देश्य पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देना है।
- अटूट रक्षा संबंध: पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि भारत और सेशेल्स की रक्षा और सुरक्षा एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़ी हुई है।
- आर्थिक मजबूती: भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को और अधिक लचीला बनाया जाएगा।
- डिजिटल इंडिया की मदद: भारत अपनी सफल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) तकनीक को सेशेल्स के साथ साझा करेगा।
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क्या समुद्री सुरक्षा से थमेगा सीमा पार अपराध?
राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने भी समुद्री सुरक्षा को द्विपक्षीय संबंधों का मुख्य केंद्र बताया। दोनों देशों ने समुद्री डकैती, ड्रग तस्करी, अवैध शिकार और सीमा पार अपराधों से मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में सेशेल्स के लिए 175 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,652.66 करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा पर भी आगे चर्चा हुई।
इससे पहले, स्टेट हाउस में पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया। यह दौरा बेहद ऐतिहासिक समय पर हो रहा है। सेशेल्स अपनी आजादी की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है। साथ ही, दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के भी 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं। पीएम मोदी इस राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
क्या मजबूत होंगे भारत-सेशेल्स संबंध?
पीएम मोदी के इस दौरे से भारत और सेशेल्स के रिश्तों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। दोनों देश हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा, रक्षा, व्यापार और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में साथ मिलकर काम बढ़ाना चाहते हैं। इससे समुद्री डकैती, ड्रग तस्करी और दूसरे सीमा पार अपराधों से निपटने में भी मदद मिल सकती है। वहीं, सेशेल्स हिंद महासागर में एक अहम रणनीतिक देश है, इसलिए उसके साथ मजबूत साझेदारी भारत की क्षेत्रीय स्थिति को भी और मजबूत करेगी। यही वजह है कि इस दौरे को दोनों देशों के 50 साल पुराने रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।


