
क्या है पूरा मामला?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। पार्टी का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक जंतर मंतर से धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और युवा लगातार शामिल हो रहे हैं।
21 जून से जंतर मंतर पर शुरू हुआ प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद 21 जून को अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ जंतर मंतर पहुंचे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ। छात्र हाथों में पोस्टर और थाली चम्मच लेकर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग करते नजर आए। शाम को निर्धारित अनुमति अवधि समाप्त होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शन खत्म करने को कहा, लेकिन अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक धरना जारी रहेगा।
बिजली पानी को लेकर बढ़ा विवाद
आंदोलन के दौरान अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि कुछ समय के लिए धरनास्थल पर बिजली और पानी की आपूर्ति रोक दी गई थी। हालांकि बाद में दोनों सेवाएं बहाल कर दी गईं। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया।
नौवें दिन सोनम वांगचुक की एंट्री
आंदोलन के नौवें दिन पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी जंतर मंतर पहुंचे। भूख हड़ताल शुरू करने से पहले उन्होंने अभिजीत दीपके के साथ राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनके आंदोलन में शामिल होने के बाद प्रदर्शन स्थल पर भीड़ और समर्थन दोनों बढ़ गए। हरियाणा की खाप पंचायतों के प्रतिनिधि भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।





