खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में रविवार सुबह वन विभाग की टीम पर अतिक्रमणकारियों ने जानलेवा हमला कर दिया। यहां आमा खुजरी बीट के कक्ष क्रमांक 748 – 749 में गश्त कर रहे करीब 45 वनरक्षकों के विशेष दस्ते पर पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने गोफन, पत्थर और लाठियों से हमला बोल दिया। इस हमले में आठ से ज्यादा वनरक्षक घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही वन विभाग की स्पेशल फ्लाइंग स्क्वॉड जंगल में पहुंची, पहले से छिपे अतिक्रमणकारियों ने गोफन से पत्थरों की बौछार शुरू कर दी। इसके बाद लाठियों से भी हमला किया गया। अचानक हुए हमले से अफरा-तफरी मच गई। अतिक्रमणकारियों के इस हमले में वन रक्षक ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह सक्तावत, राजेंद्र बागड़ी, प्रदीप बघेल, चंद्रपाल तोमर और राहुल लोधी समेत कई कर्मचारियों को गंभीर चोटें आई हैं।
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दो घंटे तक तड़पते रहे घायल
घायल वनरक्षकों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी गुड़ी रेंजर नरेंद्र पटेल मौके पर नहीं पहुंचे और वे खंडवा चले गए। इस दौरान करीब दो घंटे तक घायल वन कर्मी जंगल में बगैर इलाज के पड़े रहे। यही नहीं, दूसरी वन टीम भी मौके से लौट गई थी। इसके साथ ही कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि डायल-112 की गाड़ी वहां पहुंची, तो वह भी वनरक्षकों को छोड़कर उन अतिक्रमणकारियों को अस्पताल ले गई, जो अपने ही गोफन से घायल हुए थे।

क्यों बढ़ा तनाव?
बता दें कि हाल ही में वन विभाग और प्रशासन ने गुड़ी रेंज से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाया था। इसके बाद से ही इलाके में तनाव था। वहीं 2025 में भर्ती हुए 45 नए वनरक्षकों को प्रशिक्षण के बाद इसी रेंज में अतिक्रमण रोकने के लिए तैनात किया गया था। घटना के बाद वन कर्मचारियों में गुस्सा है। उनका कहना है कि सुरक्षा के बिना जंगल में ड्यूटी करना मुश्किल है। कर्मचारियों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अभियान के दौरान पुलिस बल की मांग की है।

