सीरिया के इदलिब प्रांत स्थित अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इस्राइली हवाई हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। UAE ने हमलों को सीरिया की संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून और 1974 के डिसइंगेजमेंट एग्रीमेंट का उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की है। इस्राइल ने अपने कदम को सुरक्षा संबंधी चिंताओं से जोड़ा है, जबकि अमेरिका ने हमलों को अनावश्यक रूप से तनाव बढ़ाने वाला बताया है। सीरिया, जॉर्डन, कतर और तुर्की ने भी अलग-अलग तरीके से हमलों पर आपत्ति जताई है।
UAE ने इस्राइल के हमलों को बताया संप्रभुता का उल्लंघन
एक बयान में UAE के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस्राइली हमलों की ‘कड़े शब्दों में निंदा’ करता है। मंत्रालय ने ऐसी किसी भी कार्रवाई को पूरी तरह खारिज किया, जो सीरिया की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा पैदा करती हो। मंत्रालय ने कहा, ‘UAE सीरिया की संप्रभुता के किसी भी उल्लंघन या उसकी सुरक्षा और स्थिरता के लिए पैदा किए जा रहे खतरों को पूरी तरह से खारिज करता है।’
1974 के समझौते का हवाला देकर इजरायल पर निशाना
UAE के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरियाई क्षेत्र में इस्राइल की ओर से लगातार किए जा रहे हमले ‘अंतरराष्ट्रीय कानून’ और सीरिया तथा इस्राइल के बीच 1974 में हुए ‘डिसइंगेजमेंट एग्रीमेंट’ यानी सेनाओं की वापसी संबंधी समझौते का ‘खुला उल्लंघन’ हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘मंत्रालय ने सीरिया की स्थिरता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में UAE के अडिग रुख को दोहराया। साथ ही, सीरियाई लोगों के साथ एकजुटता जताई और सुरक्षा, शांति, सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व तथा विकास की उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों के लिए समर्थन व्यक्त किया।’
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की अपील
UAE ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सीरियाई क्षेत्र पर बार-बार हो रहे हमलों को रोकने और तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का भी आह्वान किया। अबू धाबी ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाइयों से क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। बयान में कहा गया, ‘UAE ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सीरियाई क्षेत्र पर बार-बार हो रहे हमलों को रोकने और तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया। साथ ही, ऐसी किसी भी कार्रवाई को रोकने की अपील की, जो क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकती है और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है।’
नेतन्याहू कार्यालय ने बताया ‘यथास्थिति’ का मामला
यह बयान इदलिब में अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इस्राइली हमलों की खबरों के बाद आया। हमलों के बाद इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इस्राइल और सीरिया सुरक्षा मामलों में ‘यथास्थिति’ बनाए रखने पर सहमत हुए थे। एक्स पर एक पोस्ट में नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि सीरिया अलेप्पो के पास एक एयरबेस पर तुर्की सैनिकों को तैनात करने की अनुमति देकर इस समझौते को तोड़ने की कगार पर था।
इस्राइल बोला- अपनी सुरक्षा के लिए खतरे बर्दाश्त नहीं करेंगे
बयान में कहा गया, ‘इस्राइल और सीरिया सुरक्षा मामलों में यथास्थिति बनाए रखने पर सहमत हुए थे, जिसे सीरिया अलेप्पो के पास एक एयरबेस पर तुर्की सैनिकों को तैनात करने की अनुमति देकर तोड़ने की कगार पर था।’इसमें आगे कहा गया,’इस्राइल अपनी सुरक्षा के लिए खतरों को बर्दाश्त नहीं करेगा और यथास्थिति की वापसी का स्वागत करेगा।’
अमेरिकी दूत ने हमलों को बताया तनाव बढ़ाने वाला कदम
इस बीच, सीरिया और इराक के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत टॉम बैरक ने इजरायली हवाई हमलों पर चिंता जताई और इन्हें ‘बेवजह तनाव बढ़ाने वाला कदम’ बताया। बैरक ने कहा कि हमें इस बात की गहरी चिंता है कि अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजरायल के हवाई हमले बेवजह तनाव बढ़ाने वाले हैं और इनसे इलाके में स्थिरता नहीं आएगी।”
सीरिया, जॉर्डन और कतर ने भी की निंदा
इससे पहले, सीरिया ने इन हमलों के बाद इजरायल पर अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। वहीं, जॉर्डन और कतर ने भी हमलों की निंदा की। तुर्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में कार्रवाई करने की अपील की।
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चार हवाई हमलों में निशाना बना एयरबेस
अबू अल-दुहूर एयरबेस को चार हवाई हमलों में निशाना बनाया गया। दिसंबर 2024 में सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार गिरने के बाद से इस सैन्य ठिकाने पर यह पहला हमला बताया जा रहा है।


