अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को राजधानी पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में बिहार सरकार ने योग को लेकर बड़ा संकेत दिया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से स्कूलों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने का आग्रह किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले वर्ष से योग को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की दिशा में कदम उठाएगी। इसके बाद सम्राट चौधरी ने भी योग किया।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य आयुष समिति और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई थी, जिसका उद्देश्य बढ़ती उम्र में स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
स्कूलों में प्रतिदिन आधे घंटे का योग सत्र होना चाहिए
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा, “मैं देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। मैंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि बिहार के सभी स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाए। प्रतिदिन आधे घंटे का योग सत्र होना चाहिए, जिसमें योग, ध्यान और योग निद्रा को शामिल किया जाए। हालांकि इसे अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा, बल्कि वैकल्पिक रखा जाएगा, ताकि छात्र अपनी इच्छा से इसमें भाग ले सकें या न लें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विशेष आभार, क्योंकि उनके प्रयासों के कारण संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। आज योग पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो रहा है और इससे लोगों को आध्यात्मिक रूप से भी काफी लाभ मिल रहा है।


