पश्चिम बंगाल में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आरोप लगाया है कि कोलकाता में उसका प्रस्तावित कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं की कथित धमकी और राज्य प्रशासन के दबाव के कारण रद्द हो गया। सीजेपी के मुताबिक, उत्तर कोलकाता के भारत सभा हॉल में होने वाले कार्यक्रम को अंतिम समय में रद्द कर दिया गया। संगठन का दावा है कि हॉल के मालिकों को कथित तौर पर धमकियां मिली थीं।

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‘भाजपा की धमकी और प्रशासन के दवाब से कार्यक्रम रद्द’
सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर यह आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत सभा हॉल के मालिकों को धमकी मिलने के बाद कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। रांका के अनुसार, इसके बाद संगठन ने छह अन्य हॉल से भी संपर्क किया, लेकिन सभी ने कार्यक्रम आयोजित करने से इनकार कर दिया। सीजेपी का दावा है कि इन हॉल संचालकों ने इसके पीछे राज्य प्रशासन की ओर से बनाए गए भारी दबाव का हवाला दिया।
भाजपा सीजेपी से डर रही है- रांका
आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं से साफ है कि भाजपा सीजेपी से डर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन जल्द ही इससे भी बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में सीजेपी के कार्यकर्ता सरकारी स्कूलों का दौरा करते रहेंगे और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाते रहेंगे। उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा पर पार्टी की आवाज दबाने के लिए धमकी और डराने-धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बांकाुरा में सीजेपी से जुड़े एक युवक के पिता की कथित हत्या के मामले में एफआईआर में नाम होने के बावजूद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रांका ने परिवार को आर्थिक मदद देने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
भाजपा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
सीजेपी के आरोपों को पश्चिम बंगाल भाजपा ने पूरी तरह खारिज कर दिया। भाजपा के एक राज्य स्तरीय नेता ने कहा कि सीजेपी की ओर से लगाए गए आरोप ‘बेबुनियाद और मनगढ़ंत’ हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करती है और इस तरह के आरोपों का कोई आधार नहीं है।
शेख अब्दुल की मौत के मामले में सीजेपी की चार मांगें
सीजेपी ने शेख अब्दुल की मौत और उनके परिवार पर कथित हमले को लेकर भी कई मांगें उठाई हैं। संगठन ने अब्दुल के परिवार को पर्याप्त सुरक्षा देने और हमले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। सीजेपी का दावा है कि घटना में करीब 15 से 20 लोग शामिल थे, लेकिन अब तक केवल चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है। संगठन ने बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा है कि उसके प्रतिनिधि शेख अब्दुल के घर पर रहेंगे और उनके परिवार के साथ खड़े रहेंगे। सीजेपी ने परिवार को आर्थिक मदद देने की पेशकश भी की थी। हालांकि, संगठन के मुताबिक, परिवार ने पैसे के बजाय शेख अब्दुल के पिता के नाम पर एक स्कूल बनाने की मांग की है। सीजेपी ने अब्दुल के नाम पर ऑनलाइन फंड जुटाने की भी घोषणा की है। संगठन ने छात्रों और युवाओं से इस फंड में योगदान देने की अपील की है। संगठन का कहना है कि वह अब्दुल के परिवार को न्याय दिलाने और उनकी मांगों को उठाने के लिए आगे भी अभियान जारी रखेगा।
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एफआईआर पर क्या बोले सीजेपी प्रवक्ता?
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, ‘जब कोर्ट सरकार से उन एफआईआर की लिस्ट मांग रहा है जिन्हें रद्द किया जाना है, तो आप उसे कोर्ट में क्यों नहीं सौंप रहे हैं? लेकिन आप (सरकार) कोर्ट में इस मामले में हिचकिचाहट दिखा रहे हैं। हमारे साथ देरी करने वाली चालें न चलें। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने लगभग 2,800 पक्के अपराधियों की पहचान की है; अगर उन्हें उनके खिलाफ कार्रवाई करनी है, तो वह बिल्कुल अलग मामला है। छात्रों से जुड़ा मुद्दा उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का है’।
#WATCH | Delhi | Cockroach Janta Party Chief Spokesperson Saurav Das says, “When the court is asking (from govt) for the list of FIRs to be quashed, then why are you not submitting it to the court? But you (govt) are showing hesitancy on this in the court. Don’t play delay… pic.twitter.com/TTsHNErd48
— ANI (@ANI) August 18, 2026
भाजपा का सीजेपी नेताओं के बंगाल दौरे पर तंज
सीजेपी डेलिगेशन के पश्चिम बंगाल दौरे पर केया घोष ने कहा, ‘आशुतोष रांका को झारखंड में रुकना जरूरी नहीं लगा; उन्हें तब वहां जाना सही नहीं लगा जब देवेंद्र नाथ महतो मौत के कगार पर थे… इस घटना के बाद हमारी सरकार ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा… आशुतोष रांका और उनके साथी तीन महीने पहले पश्चिम बंगाल के स्कूलों की हालत देखने क्यों नहीं आए?… उनका एजेंडा बिल्कुल साफ है – वे केरल, कर्नाटक या पंजाब नहीं जाएंगे… वामपंथी शासन के 34 साल और टीएमसी सरकार के लगभग 15 साल के कारण शिक्षा की जो बुरी हालत हुई है, उसे देखते हुए क्या उन्हें सच में लगता है कि पांच दशकों की गड़बड़ियों को सिर्फ तीन महीनों में ठीक किया जा सकता है? अगर बंगाल में कॉकरोच हैं, तो ‘हिट’ भी मौजूद है’।

