03:49 AM, 29-Jul-2026

फिलहाल कैसी है होर्मुज की स्थिति?
गौरतलब है कि अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट भी खड़ा हो गया है। ईरान के सशस्त्र बलों ने उन सभी कंपनियों और देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं देने की घोषणा की है, जो ट्रंप के प्रस्ताव का स्वागत करते हैं। बता दें कि जलडमरूमध्य पश्चिम एशिया में एक रणनीतिक समुद्री मार्ग है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति को इस अवैध कार्रवाई के परिणामों के बारे में चेतावनी दी है। यह कदम क्षेत्र में समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
03:05 AM, 29-Jul-2026
हर्जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्ताव में क्या?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट के बाद ईरान ने जहाजों को रोकने की धमकी दी। ट्रंप ने कहा था कि जहाजों, कार्गो या संबंधित समुद्री संपत्तियों को भविष्य में होने वाले किसी भी नुकसान का भुगतान अमेरिकी नियंत्रण वाले ईरानी धन से किया जाएगा। उन्होंने इस फैसले को ‘उचित और न्यायसंगत’ बताते हुए कहा,।नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है।
ईरान के विदेश मंत्री क्या बोले?
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ट्रंप की इस योजना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि होर्मुज में जहाजों और कार्गो को हुए नुकसान की भरपाई के लिए ईरानी फंड का उपयोग कर मुआवजा देने की योजना ‘भड़काऊ’ बताया।
02:38 AM, 29-Jul-2026
ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों को रोकने की चेतावनी क्यों दी?
होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर गतिरोध के बीच ईरान ने मंगलवार को चेतावनी दी कि वह उन कंपनियों और देशों के वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से रोकेगा, जो पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष से जुड़े नुकसान की भरपाई के लिए उसके फंड का उपयोग करते हैं। ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह “थोपे गए युद्ध” के दौरान क्षतिग्रस्त हुए जहाजों के मुआवजे के लिए उसके जमे हुए फंड का उपयोग करना चाहता है। ईरान के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता का यह बयान ईरान की सरकारी मीडिया IRIB पर प्रसारित हुआ।
क्या ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को रोकेगा?
प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि कोई देश या कंपनी ऐसी योजनाओं पर काम करती है, तो ईरान के सशस्त्र बल उनके जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना द्वारा असुरक्षा पैदा करने और अवैध मार्ग के उल्लंघन के कारण जहाजों को नुकसान हुआ था।
02:13 AM, 29-Jul-2026
यूक्रेन ने जंग के बीच रूस-ईरान के बीच सहयोग को लेकर क्या कहा?
यूक्रेन ने बीते पांच महीने से जारी जंग के बीच रूस और ईरान के बीच सहयोग को लेकर सख्त रूख अपनाया है। यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा, ईरानी समकक्ष के साथ फोन पर स्पष्ट बातचीत हुई। उन्होंने तेहरान से कहा कि मॉस्को को सैन्य समर्थन देना बंद करे। सिबिहा ने यूक्रेन की तरफ से किए हमलों को रक्षात्मक कार्रवाई बताया और कहा, ‘हम रूस की निरंतर आक्रामकता का मुकाबला कर रहे हैं। संघर्ष के दौरान उकसावे वाली कार्रवाई और लोगों के हताहत होने का जिम्मेदार रूस है। क्षेत्रीय अस्थिरता का विरोध करते हुए यूक्रेनी विदेश मंत्री ने ईरानी समकक्ष अराघची से कहा, तेहरान रूस के युद्ध प्रयासों को किसी भी प्रकार का समर्थन देना बंद करे। युद्ध अवैध है और इसे समाप्त होना चाहिए।
02:07 AM, 29-Jul-2026
ईरान और यूक्रेन के बीच किस मामले में टकराव की आशंका?
दरअसल, ईरान और यूक्रेन के बीच एक जहाज पर हमले से हुए नुकसान को लेकर टकराव बढ़ने की आशंका है। बीते दिनों कैस्पियन सागर में ईरानी वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले को यूक्रेन ने अनजाने में हुई घटना बताया है। इस पर तेहरान की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यूक्रेन इस घटना में हुए ‘नुकसान की भरपाई’ करे। इस मांग के साथ ही ईरान ने अपनी तरफ से तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई न करने का आश्वासन भी दिया है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, यूक्रेनी समकक्ष एंड्री सिबिहा ने आश्वासन दिया है कि यूक्रेन ‘तनाव नहीं बढ़ाना चाहता’। बकौल अराघची, ईरान भी तनाव नहीं बढ़ाना चाहता, लेकिन हमारे नागरिकों या हितों पर कोई भी हमला अस्वीकार्य है। नुकसान की भरपाई होनी चाहिए।’
01:48 AM, 29-Jul-2026
West Asia Tension LIVE: ईरान ने यूक्रेन से हर्जाना मांगा, होर्मुज पर भी अड़ा तेरान; पश्चिम एशिया में शांति कब?
ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच जंग को आज पूरे पांच माह हो चुके हैं। 28 फरवरी को शुरू हुआ ये बहुपक्षीय टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान और अमेरिका ने बीते कई हफ्तों तक एक दूसरे को नुकसान पहुंचाने का हरसंभव प्रयास किया। अमेरिकी सेना (सेंटकॉम) की तरफ से की गई कार्रवाई के दौरान ईरान को अपने शीर्ष नेतृत्व के अलावा कई बड़े सैन्य कमांडरों को खोना पड़ा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर हुई इस भीषण बमबारी के जबाव में ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका का सहयोग करने वाले देशों में बने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। जून में ईरान और अमेरिका के बीच 14 सूत्रीय समझौता भी हुआ, जिसके तहत दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और हमले रोकने जैसे अहम बिंदुओं पर सहमति जताई। दोनों देशों के बीच जुलाई में नए सिरे से टकराव शुरू हुआ, जिसमें अमेरिका ने 13 दिनों तक भीषण बमबारी की। फिलहाल दोनों का संघर्ष थमा हुआ है, लेकिन ईरान और यूक्रेन के बीच टकराव की आशंका बनी हुई है।

