पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े संघर्ष के खत्म होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस बीच व्हाइट हाउस ने संकेत दिए हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नए सैन्य हमलों पर विचार कर रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोले और पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए संघर्षविराम समझौते की शर्तों का पालन करे। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह समझौता जल्द ही टूट गया।

अमेरिका ने शुक्रवार रात ईरान पर कोई हमला नहीं किया। वहीं, ईरान के अर्धसैनिक संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो और टैंकरों को निशाना बनाया है। उधर, कुवैत ने कहा कि उसने ईरान के ड्रोन हमले को नाकाम कर दिया।
व्हाइट हाउस बोला- ईरान को कीमत चुकानी होगी
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ईरान ने पिछले महीने अमेरिका के साथ संघर्षविराम को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन बाद में उसने इसे तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने व्यावसायिक जहाजों पर हमला किया और अमेरिकी सैनिकों की जान ली। लेविट ने शुक्रवार शाम जारी बयान में कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप इस तरह के आतंकवादी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब तक ईरान राष्ट्रपति ट्रंप की नजर में सार्थक तरीके से बातचीत की मेज पर नहीं आता, तब तक उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।”
इससे पहले शुक्रवार को मैरीलैंड स्थित कैंप डेविड में कैबिनेट सदस्यों के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगा। उन्होंने कहा, “हम बस जीतना चाहते हैं।” ट्रंप ने कहा, “हम उन पर बहुत कड़ा प्रहार करेंगे। एक समय ऐसा आएगा जब वे कहेंगे कि अब हम और बर्दाश्त नहीं कर सकते।”
ट्रंप बोले- ईरान पर भरोसा खो रहा हूं
कैंप डेविड में कैबिनेट बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका ईरान पर से भरोसा उठता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान बार-बार अपने वादों से मुकर जाता है, जबकि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। ट्रंप ने कहा, “वे झूठ बोलते हैं और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं। वे हमेशा बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन बार-बार अपना वादा तोड़ देते हैं।”
कड़ी टिप्पणी के बावजूद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शीर्ष स्तर पर बातचीत जारी है। उन्होंने बताया कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो वार्ता टीम के प्रमुख सदस्य हैं। उन्होंने कहा, “हमारे बहुत अच्छे लोग बातचीत कर रहे हैं।”
क्या ईरान पर फिर से हमला करेगा अमेरिका?
ट्रंप ने क्षेत्रीय सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि जब बातचीत चल रही थी, उसी दौरान जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला हुआ। उन्होंने कहा, “मुझे पीट हेगसेथ का फोन आया कि उन्होंने जॉर्डन में हमारे एक सैन्य अड्डे पर पांच मिसाइलें दाग दी हैं।” आगे और हमलों की आशंका पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, “अगर मैं कहूं कि ऐसा नहीं होगा तो यह मेरी मूर्खता होगी। आपको हमेशा सतर्क रहना पड़ता है।”
ईरान की दीर्घकालिक क्षमता पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा, “वे कमजोर होंगे। अभी शायद थोड़े मजबूत दिखें, लेकिन फिर कमजोर पड़ जाएंगे और आखिरकार उनकी ताकत खत्म हो जाएगी।” ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम और व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवादों को लेकर बातचीत जारी है।

