तड़के पौने चार बजे इमारत के सभी लोग गहरी नींद में थे तभी शिखा की आंख खुली तो उन्होंने देखा कि घर में धमाका हुआ है और आग लग गई है। उन्होंने फौरन एक-एक कर घर के सभी लोगों को जगाया। इस बीच उन्होंने घर में मौजूद दोनों नौकरानियों को बाहर निकलने के लिए कहा। शिखा ने ही घर का दरवाजा खोला।

शिखा ने चिल्लाकर बिल्डिंग के लोगों को जगाने का भी प्रयास किया, लेकिन सभी गहरी नींद में थे जिसकी वजह से कोई जगा नहीं। इस बीच शिखा की दोनों नौकरानियां बाहर निकल गईं। पति नवीन के साथ मिलकर अपने बुजुर्ग पिता अरुण जैन को शिखा ने सीढ़ियों से नीचे उतार दिया।
इस बीच आग ने फ्लैट के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। नवीन भागे-भागे पड़ोसियों के पास पहुंचे। और वहां से गद्दे ले आए। उन्हें लगा कि शायद गद्दे कुछ काम आएंगे। शिखा की मां अंदर ही मौजूद थीं। शिखा उनको बचाने में लगी रहीं।
नवीन ऊपर पहुंचे और इमारत की साइड में लगे खिड़की के कांच को तोड़ दिया। नवीन ने नीचे गद्दे पहले ही डाले हुए थे। दोनों बेटियों रक्षता और प्रियल को उन्होंने दूसरी मंजिल से नीचे कूदने के लिए कहा। दूसरी ओर शिखा ने किसी तरह आग की लपटों के बीच बीमार मां को बाहर निकाला लेकिन खुद अंदर फंस गई।
नवीन झुलसने के बाद भी किसी तरह फ्लैट से निकलने में कामयाब हो गए। इस बीच मदद को आए लोगों ने शिखा की मां दर्शना जैन को बाहर सुरक्षित निकाल लिया। बाद में नवीन को भी सुरक्षित स्थान पर ले आया गया। शिखा फ्लैट में अचेत होकर गिर गईं। बाद में उनका झुलासा हुआ शव बरामद हुआ।
पति नवीन की हालत नाजुक बनी हुई है। एक अन्य परिजन सुरेश ने बताया कि मूलरूप से होडल हरियाणा के रहने वाले नवीन का सदर बाजार इलाके में गत्ते का बड़ा कारोबार है। नवीन की छोटी बेटी प्रियल 10वीं कक्षा की छात्रा है। बड़ी बेटी रक्षता नोएडा के एक कॉलेज से बीबीए कर रही है। हादसे में नवीन, रक्षता, प्रियल जख्मी हैं। इनका इलाज जारी है।

