केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने यूडीएफ (UDF) की जीत का मजबूत दावा किया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विश्लेषकों और जानकारों के बीच इस बात को लेकर एक राय है कि इस बार यूडीएफ की लहर है। थरूर ने एग्जिट पोल के आंकड़ों पर अपनी शंका जाहिर की, लेकिन यह भी कहा कि इस बार सभी सर्वे एक जैसे नतीजे दिखा रहे हैं, जो हैरान करने वाला है। उन्हें उम्मीद है कि सोमवार सुबह तक स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी।
मुख्यमंत्री पद क्या बोले थरूर?
मुख्यमंत्री पद के चयन पर थरूर ने बताया कि कांग्रेस में एक तय प्रक्रिया का पालन होता है। चुनाव के बाद जीते हुए विधायक पार्टी अध्यक्ष के प्रतिनिधि को अपनी राय बताते हैं। यह रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाती है और फिर हाईकमान अंतिम फैसला लेता है। हाईकमान किसी भी व्यक्ति को मुख्यमंत्री चुनने के लिए स्वतंत्र है।
ये भी पढ़ें: Assam: असम में काउंटिंग से पहले BJP एक्टिव, मतगणना से पहले CM सरमा ने की समीक्षा बैठक; जानें क्या है तैयारी
एलडीएफ पर क्या बोले थरूर?
थरूर के अनुसार, अगर एलडीएफ (LDF) चुनाव हारती है, तो यह देश में वामपंथी राजनीति के लिए बड़ा झटका होगा। केरल फिलहाल इकलौता राज्य है जहां वामपंथियों की सरकार है। पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के बाद केरल में हार का मतलब होगा कि देश में कहीं भी उनकी सरकार नहीं बचेगी। केरल में आमतौर पर हर पांच साल में सरकार बदलती है, लेकिन 2021 में एलडीएफ ने लगातार दूसरी बार जीतकर इस परंपरा को तोड़ा था।
सीएम ने सोशल मीडिया बायो में किया बदलाव
मतगणना से पहले मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अपने सोशल मीडिया बायो में बदलाव किया है। अब उनके बायो में ‘पॉलिट ब्यूरो सदस्य, सीपीआई (एम)’ लिखा है। एग्जिट पोल के आंकड़े भी यूडीएफ के पक्ष में दिख रहे हैं। ‘एक्सिस माई इंडिया’ ने यूडीएफ को 78 से 90 सीटें मिलने की बात कही है। वहीं ‘पीपल्स पल्स’ ने 75 से 85 और ‘जेवीसी’ ने 72 से 84 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। केरल की 140 सीटों पर 9 अप्रैल को 78.27 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2021 के चुनाव में एलडीएफ ने 99 सीटें जीती थीं।
अन्य वीडियो-


