छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। पारिवारिक विवाद के बाद 18 वर्षीय युवक खव्यदा डोंगर के ऊपरी हिस्से में पहुंच गया और खतरनाक चट्टान के किनारे खड़ा हो गया। करीब तीन घंटे तक पुलिस, दमकलकर्मियों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने उसे सुरक्षित जगह लौटने के लिए समझाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शी और पूर्व तिसगांव सरपंच संजय जाधव के मुताबिक, युवक करीब सुबह 10 बजे डोंगर पर पहुंचा था।
युवक को बचाने के लिए क्या कोशिशें की गईं?
युवक के चट्टान के किनारे पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद उसके माता-पिता और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी भी वहां पहुंचे। युवक बार-बार नीचे छलांग लगाने की बात कह रहा था। मौके पर मौजूद लोगों ने लगातार उसे समझाने और सुरक्षित स्थान पर वापस लाने का प्रयास किया। इसके बावजूद वह खतरनाक किनारे के आसपास ही घूमता रहा। दमकलकर्मियों ने नीचे सुरक्षा जाल भी तैयार रखा था, जबकि माता-पिता लगातार बेटे को वापस लाने की कोशिश में जुटे थे।
An 18-year-old man stood on the edge of a hill in Maharashtra on Friday, prompting his parents and others to spend nearly three hours trying to persuade him to move to safety. “I am going to jump,” he kept threatening the parents.
The situation ended in tragedy when the man fell… https://t.co/rYdJ3KdWkE pic.twitter.com/tCyoe65VaH
— Hate Detector 🔍 (@HateDetectors) August 21, 2026
बेटे को बचाने की कोशिश में पिता कैसे गिरे?
करीब दोपहर एक बजे युवक अचानक गहरी पत्थर की खदान में गिर गया। बेटे को गिरते देखकर उसके पिता ने तुरंत उसे बचाने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह भी खदान में जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शी संजय जाधव के अनुसार, यह देखकर मां भी खुद को रोक नहीं सकीं और कुछ ही क्षण बाद वह भी गहरी खदान में गिर गईं। इस हादसे में तीनों परिवार के सदस्यों की मौत हो गई।


