ईरान और अमेरिका के बीच जंग खत्म करने को लेकर एकबार फिर हलचल शुरू हो गई है. एक तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची हैं, जो कई देशों का दौरा कर रहे हैं. खबर है कि वो पहले पाकिस्तान गए, इसके बाद ओमान जाएंगे, फिर वापस पाकिस्तान आकर रूस दौरे पर जाएंगे.
वहीं, खबर है कि शनिवार को पाकिस्तान से रवाना ईरान डेलीगेशन का एक हिस्सा दोबारा से तेहरान गया है. इसकी वजह ईरान के शीर्ष नेतृत्व से आगे के निर्देश लेना है. इधर खबर आई थी कि शनिवार को ईरान की तरफ से अमेरिका से सीधी बातचीत के मनाही के बाद अमेरिका ने भी अपने वार्ताकार की पाकिस्तान यात्रा को रद्द कर दिया था. खुद डोनाल्ड ट्रंप ने इस बारे में जानकारी सोशल मीडिया ट्रुथ पर जारी की थी. इस्लामाबाद में नए दौर की बातचीत की कोशिशों पर विराम इसके बाद लग गया था. लेकिन अब इससे जुड़े अपडेट ने एक बार फिर उम्मीद जगाई है. साथ ही सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान एक बार फिर बातचीत के लिए तैयार हो गया है या नहीं.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, शनिवार को विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान के इस्लामाबाद में थे, उसके बाद युद्ध समाप्ति का एक प्रस्ताव सौंपकर ओमान चले गए. तब खबर आई थी कि डेलीगेशन ईरान लौट गया है. लेकिन अब जानकारी मिली है कि ईरान अधिकारियों का एक हिस्सा गया है. वहीं, आधा हिस्सा अराघची के साथ ओमान गया है. पाकिस्तान में पहले दौर की बातचीत विफल हो चुकी है. अब वो दूसरे दौर की बातचीत को करवाने में जुटा हुआ है. इसी की कोशिशें जारी है.
दूसरे दौर की बातचीत से पहले जमीन तैयार कर रहा ईरान
वहीं अब सवाल है कि ईरान के विदेश मंत्री कई देशों का दौरा क्यों कर रहे हैं. इस बारे में जानकारी जुटाई गई, तो पता चला कि वो दूसरे दौर की बातचीत से पहले अपनी जमीन मजबूत कर रहे हैं. इसी सिलसिले में वो मस्कट गए हैं, साथ ही पाकिस्तान वापस आकर रूस जाएंगे. ओमान में अराघची ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से मिले हैं. ओमान भी ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका में है. रूस भी शांति वार्ता में अहम भूमिका निभा रहा है.
युद्ध को लेकर ओमान से ईरान की क्या बात हुई
ईरान के विदेश मंत्री अराघची और ओमान के सुल्तान हैथम बिन के बीच युद्ध को लेकर चर्चा हुई. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अराघची ने राजनयिक प्रक्रियाओं का समर्थन करने में ओमान के जिम्मेदार रवैये साथ ही ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल द्वारा थोपे गए युद्ध के संबंध में देश के समझदारी भरे रुख की सराहना की.
इधर, सुल्तान ने युद्ध के जल्द और निर्णायक अंत और क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा की वापसी की उम्मीद जताई है. इस मीटिंग में ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी भी शामिल हुए. जहां स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज समेत पाकिस्तान की मध्यस्थता बातचीत पर चर्चा हुई.
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