अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते पर दोनों पक्षों ने डिजिटल रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं। समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में किए जाएंगे, जिसके बाद यह प्रभावी हो जाएगा।

यह भी पढ़ें- होर्मुज से शुरू हुई जहाजों की आवाजाही:राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा, शुक्रवार को होगा US-ईरान में शांति समझौता
ईरान को कब मिलेगी आर्थिक राहत और प्रतिबंधों में छूट?
उपराष्ट्रपति वेंस ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि समझौते के तहत ईरान को किसी भी प्रकार की आर्थिक राहत या प्रतिबंधों में छूट तभी मिलेगी, जब वह अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक ईरान को कोई धनराशि जारी नहीं की गई है और यह प्रक्रिया पूरी तरह प्रदर्शन आधारित होगी। वेंस के अनुसार, यदि ईरान अपने संवर्धित परमाणु सामग्री के भंडार को कम करने और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण व्यवस्था को स्वीकार करने जैसे कदम उठाता है, तो अमेरिका प्रतिबंधों में राहत देने पर विचार करेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य ईरान को वैश्विक अर्थव्यवस्था में दोबारा शामिल होने का अवसर देना है, बशर्ते वह समझौते की शर्तों का पालन करे।
औपचारिक हस्ताक्षर के बाद ही सार्वजनिक होगा समझौता- ट्रंप
वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि समझौते का पूरा हिस्सा शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर के बाद सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि उपराष्ट्रपति वेंस हस्ताक्षर समारोह में शामिल होंगे, जबकि उनकी अपनी उपस्थिति अभी तय नहीं है।
#WATCH | Evian, France: When asked if he will attend the US-Iran deal signing ceremony, US President Donald Trump says, “It depends. JD (Vance) is coming in for it. He was originally going to do it…”
(Video Source: US Network Pool via Reuters) pic.twitter.com/OTXv4Y9j6J
— ANI (@ANI) June 15, 2026
ट्रंप ने इस समझौते को क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने वाला महान समझौता बताया है। उनका दावा है कि इसके लागू होने के बाद क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को बड़ा लाभ मिलेगा तथा लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने में मदद मिलेगी। ट्रंप ने ये भी कहा कि शुक्रवार तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुल जाएगा।
#WATCH | Evian, France: At high-stakes meeting with French President Emmanuel Macron, US President Donald Trump says, “…The deal (US-Iran) is all signed and the Strait (of Hormuz) is already partially opened…Ships are starting to go out now and on Friday it will be completely… pic.twitter.com/urU8TW6M2U
— ANI (@ANI) June 15, 2026
#WATCH | Evian, France: When asked if US-Iran deal involves any sanction relief for Iran, US President Donald Trump says, “No, it doesn’t. They have to do a really behavioural thing. If they do what they are supposed to do, that’s our second effect.”
(Video Source: US Network… pic.twitter.com/VzosgrF3hN
— ANI (@ANI) June 15, 2026
क्या है समझौते का मुख्य उद्देश्य?
फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘डील पर पूरी तरह से साइन हो गए हैं और जलडमरूमध्य आंशिक रूप से खुल भी गया है’। उन्होंने कहा कि रणनीतिक रूप से अहम यह जलमार्ग शुक्रवार तक पूरी तरह से खुल जाएगा, जो ग्लोबल शिपिंग और एनर्जी सप्लाई को बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम होगा। इस प्रारंभिक समझौते का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में लागू नाजुक युद्धविराम को मजबूत करना और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का रास्ता तैयार करना है। यह समुद्री मार्ग दुनिया में तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। हालांकि, जलडमरूमध्य को समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर होने के बाद ही खोला जाएगा।
#WATCH | Evian, France: At high-stakes meeting with French President Emmanuel Macron, US President Donald Trump says, “The Iran deal that we made is going to bring a lot of success to the world because the oil was really clogged up there (Strait of Hormuz) for a while…I want to… pic.twitter.com/UfxCa5kBkT
— ANI (@ANI) June 15, 2026
अमेरिका-ईरान के बीच आगे की बातचीत जारी रहेगी- अराघची
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि शुक्रवार के समारोह के बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच आगे की बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पिछले अनुभवों और अमेरिका द्वारा कथित रूप से किए गए वादाखिलाफी को देखते हुए ईरान बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान इस समझौते के जरिए देश के लिए अधिकतम आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा।
यह भी पढ़ें- कूटनीति का अनोखा रंग: उपहार में दिए गए जैकेट पहन PM मोदी से मिले रॉबर्ट, ट्विनिंग मोमेंट सोशल मीडिया पर वायरल
शांति समझौते के सामने हैं कई बड़ी चुनौतियां
हालांकि, समझौते के सामने कई चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। ईरान का परमाणु कार्यक्रम, इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच जारी तनाव तथा लेबनान से जुड़े मुद्दे अभी पूरी तरह सुलझे नहीं हैं। ईरान लगातार कहता रहा है कि लेबनान से जुड़े मुद्दों को अंतिम समझौते का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उधर, इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने कहा कि ट्रंप और ईरान के बीच हुआ समझौता इस्राइल पर बाध्यकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्राइल एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है तथा वह अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार निर्णय लेगा।

