अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित संबंध रखने वाले एक भारतीय नागरिक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने कमल नाम के एक भारतीय व्यक्ति को वांछित भगोड़ों की सूची में शामिल किया है। एफबीआई के अनुसार, कमल पर लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह से जुड़े होने और जबरन वसूली के जरिए कारोबार में दखल देने की साजिश में शामिल होने का आरोप है। एफबीआई की कार्रवाई से इस मामले का अंतरराष्ट्रीय पहलू भी सामने आया है।
कमल पर अमेरिका में क्या आरोप है?
एफबीआई के अनुसार कमल पर कारोबार में जबरन वसूली के जरिए हस्तक्षेप करने की साजिश का आरोप है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह मामला लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह से जुड़ा है। इस संगठन पर अमेरिका के कैलिफोर्निया और अन्य इलाकों में गतिविधियां चलाने का आरोप लगाया गया है। एफबीआई की वांछित सूची में कमल के नाम के साथ यही आरोप दर्ज किया गया है। हालांकि, सार्वजनिक सूचना में उसके बारे में इससे अधिक व्यक्तिगत जानकारी नहीं दी गई है।
कब जारी हुआ कमल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट?
कमल के खिलाफ अमेरिका में संघीय गिरफ्तारी वारंट एक जुलाई 2026 को जारी किया गया था। यह वारंट कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की अमेरिकी जिला अदालत ने लॉस एंजिल्स में जारी किया। कमल पर जबरन वसूली के जरिए कारोबार में दखल देने की साजिश का आरोप लगाया गया है। एफबीआई ने उसे वांछित भगोड़े के रूप में सूचीबद्ध करते हुए उसके खिलाफ दर्ज मामले को सार्वजनिक किया है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का अमेरिका से क्या संबंध बताया गया?
एफबीआई के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह की शुरुआत भारत के पंजाब राज्य में हुई और इस संगठन ने कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट समेत अन्य इलाकों में गतिविधियां संचालित कीं। अमेरिकी जांच एजेंसी ने संगठन को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन के रूप में बताया है। कमल पर इसी संगठन से कथित तौर पर जुड़े होकर जबरन वसूली की साजिश में शामिल होने का आरोप है। मामले में एफबीआई की कार्रवाई से संगठन की अमेरिका में कथित गतिविधियों को लेकर जांच का दायरा सामने आया है।
क्या कमल की गिरफ्तारी अब अमेरिका की प्राथमिकता है?
कमल के खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट पहले ही जारी हो चुका है और एफबीआई ने उसे वांछित भगोड़ों की सूची में शामिल किया है। इसका मतलब है कि अमेरिकी एजेंसी उसकी तलाश कर रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है। उस पर लगे आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं। अमेरिका में अब इस मामले की जांच और कमल की तलाश के साथ लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह की कथित गतिविधियों पर भी नजर बनी हुई है।
