लखनऊ, अयोध्या समेत 18 शहरों में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें
प्रदेश के 18 शहरी क्षेत्रों में रहने लोगों को सुगम यातायात की सुविधा देने के लिए सरकार ने एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने का फैसला किया है। इससे संबंधित नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही शहरों में संचालित होने वाली कुल ई-बसों की संख्या 1725 हो जाएगी।
इन बसों का संचालन भी प्राइवेट संचालकों द्वारा ग्रास कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर किया जाएगा। ई-बसों के संचालन से 45 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
बुधवार को हुई कैबिनेट की फैसले की जानकारी देते हुए नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि प्रदेश आरामदायक और प्रदूषण-मुक्त सिटी बसों के नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। बता दें कि पहले से ही नगर परिवहन निदेशालय द्वारा 15 नगर निगम वाले शहरों में 743 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें से 700 बसों का संचालन भी जीसीसी मॉडल पर ही किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बढ़ते शहरीकरण, नागरिकों की परिवहन आवश्यकताओं तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों को चरणबद्ध रूप से संचालित किया जाएगा।
इससे नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ, वातानुकूलित एवं पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही वायु एवं ध्वनि प्रदूषण में भी कमी आएगी तथा प्रदेश के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना से लगभग 10,500 प्रत्यक्ष एवं 35,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
इन शहरों में चलेंगी ई-बसें
प्रथम चरण में लखनऊ, आगरा, अयोध्या, अलीगढ़, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी एवं नोएडा (जेवर सहित) में बसों का संचालन होगा। बता दें कि नगर विकास विभाग की ओर से कुल 1725 ई बसों का संचालन का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसमें जिसमें से 743 इलेक्ट्रिक बसों का पहले से ही संचालन किया जा रहा है।


