लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

अमेरिका:ट्रांसजेंडर सैनिकों के इलाज व टेस्टोस्टेरोन नीति में क्या फर्क? जज ने ट्रंप प्रशासन पर उठाए सवाल – Judge Questions Difference Between Hegseth’s Testosterone Policy And Transgender Care For Troops

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

अमेरिका में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की नई टेस्टोस्टेरोन जांच और उपचार पहल पर एक संघीय जज ने सवाल उठाए हैं। जज ने पूछा कि सैनिकों में कम टेस्टोस्टेरोन के उपचार और ट्रांसजेंडर सैनिकों को दिए जाने वाले हार्मोन उपचार में आखिर अंतर क्या है। यह सवाल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस नीति पर चल रहे मुकदमे के दौरान उठा, जिसमें ट्रांसजेंडर सैनिकों पर रोक लगाई गई है। 

जज ने क्या कहा?

वाशिंगटन की अमेरिकी जिला जज एना रेयेस ने कहा कि ट्रंप की नीति में लिखा है कि सशस्त्र बलों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के ऊंचे मानकों का पालन करना चाहिए। इसके लिए नियमित इलाज या विशेष व्यवस्था पर निर्भर नहीं होना चाहिए।

जज ने मुकदमे से जुड़े दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे बताएं कि ट्रांसजेंडर पुरुषों और अन्य सैनिकों को टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी देने में चिकित्सकीय और व्यावहारिक स्तर पर क्या समानताएं और क्या अंतर हैं।

उन्होंने रक्षा मंत्रालय से यह भी जानकारी मांगी कि नई टेस्टोस्टेरोन नीति और ट्रांसजेंडर सैनिकों पर रोक के बीच अलग-अलग व्यवहार का आधार क्या है।  

रक्षा मंत्री की नई पहल क्या है?


  • यह आदेश उस घोषणा के एक सप्ताह बाद आया है, जिसमें रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सैनिकों में टेस्टोस्टेरोन की कमी की जांच के लिए नया कार्यक्रम शुरू करने की बात कही थी।

  • पीट हेगसेथ ने कहा था कि यह जरूरी है, ताकि सैनिक अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर सकें।

  • उन्होंने बताया था कि 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सैनिकों की हर साल होने वाली अनिवार्य स्वास्थ्य जांच के दौरान यह जांच भी की जाएगी। 30 वर्ष से कम उम्र के सैनिक अपनी इच्छा से यह जांच करा सकेंगे। 

  • सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में हेगसेथ ने कहा था कि टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी लेना पूरी तरह स्वैच्छिक होगा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

ट्रंप प्रशासन के दूसरे अधिकारी भी पुरुषों के लिए टेस्टोस्टेरोन उपचार को आसान बनाने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस विषय पर वैज्ञानिक तथ्यों के साथ कुछ ऐसे दावे भी किए जा रहे हैं, जिनके पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। 

पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन का स्तर स्वाभाविक रूप से कम होता है। इसे लंबे समय से यौन कमजोरी, यौन इच्छा में कमी, मनोदशा में बदलाव और वजन बढ़ने जैसी समस्याओं से जोड़ा जाता रहा है।

ये भी पढ़ें: भारत में 50 करोड़ लोगों को पौष्टिक भोजन नसीब नहीं: चीन का क्या है आंकड़ा? पाकिस्तान में हालात भयावह

लेकिन विशेषज्ञों के बीच वर्षों से इस बात पर बहस चल रही है कि इन समस्याओं की पहचान कैसे की जाए और क्या इनका इलाज हार्मोन देकर किया जाना चाहिए।

मुकदमा किस बारे में है?


  • जज एना रेयेस ट्रांसजेंडर सैनिकों पर रोक के खिलाफ दायर मुकदमों में से एक की सुनवाई कर रही हैं।

  • ट्रांसजेंडर सैनिकों और दोबारा सेना में शामिल के इच्छुक पूर्व सैनिकों ने जनवरी 2025 के आखिर में मुकदमा दायर किया था।

  • यह मुकदमा ट्रंप का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के कुछ समय बाद दायर किया गया।

  • पिछले वर्ष जज रेयेस ने ट्रंप के उस आदेश के खिलाफ फैसला दिया था, जिसमें ट्रांसजेंडर सैनिकों को सेना से बाहर रखने की बात कही गई थी। 

  • बाद में संघीय अपीलीय अदालत की एक पीठ ने उनके आदेश को आंशिक रूप से बरकरार रखते हुए मामला फिर से रेयेस के पास भेज दिया।

  • अदालत ने माना कि यह रोक गैरकानूनी है और मुकदमा करने वाले सैनिकों को सेना से नहीं निकाला जा सकता।

  • इसके बाद रेयेस ने इस मामले को सामूहिक मुकदमे का दर्जा दे दिया। इसका मतलब है कि इस मामले का फैसला सभी सैनिकों पर लागू हो सकता है।

हालांकि, ट्रंप की ट्रांसजेंडर सैनिकों पर रोक फिलहाल लागू है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक रक्षा मंत्रालय को इस नीति को लागू रखने की अनुमति दे रखी है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

चार हाईकोर्ट में 14 जजों की नियुक्ति:सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर केंद्र ने लगाई मुहर; कौन-कौन शामिल? – Centre Notifies Appointment Of 14 Judicial Officers As Judges In Four High Courts

सागर में रफ्तार का कहर:बस से टकराकर बुरी तरह पिचकी कार, तीन लोगों की मौत; चालक मौके से फरार – Tragic Road Accident In Sagar: Fast Bus And Car Collide On Garhakota Road, Three Dead

यूपी में ‘लंपी’ की दस्तक:खतरनाक वायरस की चपेट में आए गोवंश, बचाने के पशुपालक जरूर करें ये काम – Lumpy Skin Disease Raises Concern, Experts Advise Vaccination And Isolation

काम की बात:किन 4 सरकारी योजनाओं से जुड़कर कर सकते हैं निवेश? यहां जानें – Four Government Schemes Where You Can Invest Your Money

ईटिंग जेटलैग:शनिवार-रविवार की ये एक आदत बढ़ा सकती है हृदय रोगों का जोखिम, पुरुष सबसे ज्यादा खतरे में – Study Alerts Eating At A Different Time On Weekends From Weekdays Could Increase The Risk Of Heart Disease

यूपीआई के मुद्दे पर केंद्र पर भड़की शिवसेना यूबीटी:’सामना’ में लिखा- ये केवल शब्दों का खेल, जनता ही भुगतेगी – Mdr A Semantic Cover-up Consumers Will Bear The Burden Says Saamana Editorial Shiv Sena Ubt

Leave a Comment