खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय दोपहिया वाहन उद्योग के वित्तीय वर्ष 2026-27 (FY27) में एक मध्यम गति से आगे बढ़ने की संभावना है। जाटो डायनामिक्स के एक ताजा अध्ययन के अनुसार, स्थिर व्यापक आर्थिक स्थितियों और निरंतर शहरीकरण के दम पर इस चालू वित्त वर्ष में इस सेगमेंट में 5 से 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि इस बार उद्योग की मुख्य चालक केवल वाहनों की कुल बिक्री संख्या नहीं, बल्कि डिमांड मिक्स यानी ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताएं होंगी।

2 of 5
इलेक्ट्रिक स्कूटी
– फोटो : Adobe Stock
स्कूटर और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट को लेकर रिपोर्ट में क्या अनुमान जताए हैं?
रिपोर्ट के अध्ययन के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में मजबूत मांग के कारण भारतीय दोपहिया बाजार में स्कूटर सेगमेंट की हिस्सेदारी और बढ़ने की उम्मीद है:
- इलेक्ट्रिक दोपहिया की हिस्सेदारी: भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) की पैठ बढ़कर 7 से 9 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
- विकास के मुख्य कारक: ईवी अपनाने की यह रफ्तार सरकारी सब्सिडी की निरंतरता, गाड़ियों की कीमतें और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर निर्भर करेगी। जो अब तक इस क्षेत्र के विकास के मुख्य आधार रहे हैं।

3 of 5
Honda Activa 125
– फोटो : HMSI
होंडा, टीवीएस और हीरो मोटोकॉर्प जैसी प्रमुख कंपनियों की स्थिति कैसी रहेगी?
अध्ययन में देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों के प्रदर्शन और बाजार स्थिति का विश्लेषण भी किया गया है:
- Honda: कंपनी स्कूटर सेगमेंट में अपना दबदबा बनाए रखने के साथ-साथ मोटरसाइकिल सेगमेंट में भी अपनी गति को मजबूत करना जारी रखेगी।
- TVS Motor Company: टीवीएस मोटरसाइकिल और स्कूटर दोनों ही सेगमेंट में अपनी स्थिति को तेजी से मजबूत कर रही है।
- Hero MotoCorp: मोटरसाइकिल सेगमेंट में 42 प्रतिशत की विशाल बाजार हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी खिलाड़ी होने के बावजूद, हीरो मोटोकॉर्प स्कूटर और इलेक्ट्रिक सेगमेंट में अभी पीछे है। तेजी से बढ़ते स्कूटर सेगमेंट में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी फिलहाल महज 6.6 प्रतिशत के आसपास है।

4 of 5
TVS iQube
– फोटो : TVS
ईवी अपनाने की रफ्तार का अलग-अलग कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा?
रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को अपनाने की गति विभिन्न कंपनियों के प्रदर्शन को अलग-अलग दिशा दे सकती है:
- ईवी की तेज रफ्तार का फायदा: यदि भारत में ईवी अपनाने की प्रक्रिया में तेजी आती है, तो स्कूटर सेगमेंट में मजबूत पकड़ रखने वाले टीवीएस, बजाज और एथर जैसे ब्रांड्स को सीधा फायदा होगा।
- ईवी की धीमी रफ्तार का असर: इसके उलट, अगर ईवी अपनाने की रफ्तार धीमी रहती है, तो मुख्य रूप से मोटरसाइकिल बेचने वाली कंपनियों के व्यवसाय में सापेक्ष स्थिरता देखने को मिल सकती है।

5 of 5
Bajaj Chetak 3001 Electric Scooter
– फोटो : Chetak
क्या त्योहारी सीजन का प्रभाव कम हो रहा है और मार्केट में क्या बदलाव आ रहे हैं?
अध्ययन में पाया गया है कि भारतीय टू-व्हीलर बाजार में मौसमी मांग की भूमिका बनी रहेगी:
- त्योहारी बिक्री: फेस्टिव सीजन के दौरान मोटरसाइकिलों की बिक्री में बढ़ोतरी देखी जाती रहेगी। लेकिन कुल बाजार पर इसका दबदबा थोड़ा घट सकता है क्योंकि शहरी ग्राहक अब स्कूटर और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं।
- बिक्री के आंकड़े: भारतीय दोपहिया उद्योग बड़े पैमाने पर काम कर रहा है। जहां कुल बिक्री FY24 के 1.8 करोड़ से बढ़कर FY26 में 2.23 करोड़ तक पहुंच गई है।
कुल मिलाकर समझें तो अतिरिक्त मांग अब पारंपरिक पेट्रोल से चलने वाले मास मोटरसाइकिलों के बजाय स्कूटरों और तेजी से उभरते इलेक्ट्रिक वाहनों से आ रही है।


