अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपनी सेहत को लेकर चर्चा में हैं। 79 वर्षीय ट्रंप मंगलवार को वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर पहुंचे, जहां उनकी करीब तीन घंटे तक मेडिकल जांच हुई। जांच के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनकी छह महीने वाली मेडिकल जांच पूरी हो गई है और सबकुछ बिल्कुल सही निकला। अमेरिका में अगले चुनावों से पहले ट्रंप लगातार खुद को मजबूत और सक्रिय नेता के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी उम्र और स्वास्थ्य को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।
व्हाइट हाउस ने इस दौरे को नियमित स्वास्थ्य और डेंटल जांच बताया। यह दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप की चौथी सार्वजनिक मेडिकल जांच थी। ट्रंप अगले महीने 80 साल के हो जाएंगे और वह अमेरिका के सबसे ज्यादा उम्र में चुने गए राष्ट्रपति हैं। इससे पहले जो बाइडेन 82 साल की उम्र में राष्ट्रपति पद छोड़ चुके हैं। अमेरिका में लगातार उम्रदराज नेताओं की राजनीति को लेकर अब जनता के बीच भी बहस तेज हो गई है।
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ट्रंप की मेडिकल जांच पर इतना ध्यान क्यों है?
ट्रंप की सेहत पर इसलिए भी नजर रखी जा रही है क्योंकि अमेरिका में राष्ट्रपति की शारीरिक और मानसिक क्षमता को बेहद अहम माना जाता है। हाल में आए एक सर्वे में आधे से कम अमेरिकी नागरिकों ने माना कि ट्रंप मानसिक और शारीरिक रूप से राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह फिट हैं। व्हाइट हाउस के पूर्व डॉक्टर रह चुके डॉ. जेफ्री कुलमैन ने कहा कि ट्रंप की उम्र को देखते हुए उनकी पूरी हार्ट जांच, कैंसर स्क्रीनिंग और मानसिक क्षमता की जांच जरूरी होती है। हालांकि व्हाइट हाउस ने यह साफ नहीं किया कि इस बार ट्रंप के कौन-कौन से टेस्ट किए गए।
ट्रंप अपनी उम्र को लेकर दबाव महसूस कर रहे?
ट्रंप लगातार यह कहते रहे हैं कि वह खुद को 50 साल पहले जितना फिट महसूस करते हैं। हालांकि सार्वजनिक कार्यक्रमों में कई बार उन्हें थका हुआ भी देखा गया है। कभी-कभी बैठकों के दौरान उनकी आंखें लंबे समय तक बंद दिखाई दीं, लेकिन ट्रंप ने हमेशा इससे इनकार किया है कि वह सो गए थे। ट्रंप अपनी छवि को लेकर भी काफी सतर्क रहते हैं। उन्होंने खुद कहा है कि एयर फोर्स वन की सीढ़ियों से उतरते समय वह ज्यादा सावधानी बरतते हैं ताकि गिरने जैसी कोई तस्वीर सुर्खियां न बन जाए। इसके अलावा कई मौकों पर उनके हाथों पर चोट के निशान भी देखे गए, जिन्हें व्हाइट हाउस ने ज्यादा हाथ मिलाने और एस्पिरिन दवा के इस्तेमाल का असर बताया।
ट्रंप की मानसिक फिटनेस पर भी सवाल उठे?
ट्रंप अक्सर दावा करते हैं कि उन्होंने मानसिक क्षमता की जांच में शानदार प्रदर्शन किया है। उनके पिछले मेडिकल टेस्ट में मॉन्ट्रियल कॉग्निटिव असेसमेंट टेस्ट में उन्हें 30 में से 30 अंक मिले थे। यह टेस्ट डिमेंशिया और मानसिक कमजोरी की पहचान के लिए किया जाता है। इसके बावजूद उनके आलोचक कई बार उनके भाषणों और बयानबाजी को मानसिक गिरावट का संकेत बताते रहे हैं। पिछले महीने 30 से ज्यादा न्यूरोलॉजिस्ट और मनोचिकित्सकों ने एक बयान जारी कर ट्रंप के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि व्हाइट हाउस ने इसे राजनीतिक हमला बताते हुए खारिज कर दिया।
