Tomato Price Hike: टमाटर की कीमतों में आग लगी हुई है. लाल-लाल टमाटर ने अब आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है. कई शहरों में टमाटर 70 रुपये किलो के पार पहुंच चुका है, जबकि कुछ जगहों पर खुदरा कीमतें इससे भी ज्यादा देखने को मिल रही हैं. बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है जिससे लोगों को राहत मिल सके. सरकार अब सब्सिडी वाले टमाटर बेचने की तैयारी में है, जिससे आम उपभोक्ताओं को कम दाम पर टमाटर मिल सकेगा.
क्यों बढ़ रहे हैं टमाटर के दाम?
टमाटर की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह सप्लाई में कमी मानी जा रही है. कई राज्यों में बारिश और खराब मौसम की वजह से फसल प्रभावित हुई है. इसके अलावा मंडियों तक पर्याप्त सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है. ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने और कुछ इलाकों में उत्पादन कम होने से भी कीमतों पर असर पड़ा है. यही कारण है कि पिछले कुछ दिनों में टमाटर के दाम तेजी से बढ़े हैं.
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सरकार का क्या है फैसला?

कीमतों को काबू में रखने के लिए केंद्र सरकार ने सब्सिडी वाले टमाटर बेचने का फैसला किया है. इसके तहत सरकार कम दाम पर टमाटर उपलब्ध कराएगी जिससे आम लोगों को राहत मिल सके. सरकारी एजेंसियों के जरिए बड़े स्तर पर टमाटर खरीदकर अलग-अलग शहरों में बिक्री की जाएगी. इससे बाजार में सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश होगी.
किन शहरों में मिलेगी राहत?
सरकार शुरुआत में दिल्ली-NCR समेत बड़े शहरों में सस्ते टमाटर बेच सकती है. इसके लिए मोबाइल वैन और सरकारी आउटलेट्स का इस्तेमाल किया जाएगा. पिछले साल भी सरकार ने बढ़ती कीमतों के दौरान इसी तरह सब्सिडी वाले टमाटर बेचे थे, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली थी.
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आम आदमी का हाल बेहाल
कभी सब्जी तो कभी सलाद के रूप में, लेकिन टमाटर तो भारतीय थाली में होती ही है. ऐसे में कीमत बढ़ने का सीधा असर घर के बजट पर पड़ता है. कई लोगों का कहना है कि सब्जियों के दाम पहले से ही ऊंचे चल रहे थे, अब टमाटर महंगा होने से रसोई का खर्च और बढ़ गया है.
अभी और महंगा होगा टमाटर?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सप्लाई जल्दी नॉर्मल नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. हालांकि सरकार के दखल के बाद कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. अगर नई फसल बाजार में तेजी से पहुंचती है तो दाम धीरे-धीरे नीचे आ सकते हैं.

