मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 552.99 अंक गिरकर 77,063.41 पर आ गया; निफ्टी 160.45 अंक गिरकर 24,050.55 पर पहुंच गया। सेंसेक्स और निफ्टी में 0.6 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। इस वजह से बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 42 पैसे गिरकर 96.10 पर आ गया।

सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजार ने वैश्विक संकेतों के कमजोर होने के बावजूद मजबूती दिखाई थी। यह घरेलू बुनियादी बातों की ताकत को दर्शाता है। विश्लेषकों को उम्मीद है कि बाजार में धीरे-धीरे ऊपर की ओर रुझान बना रहेगा। पहली तिमाही के नतीजों का असर भी अलग-अलग सेक्टर के शेयरों की चाल पर देखने को मिल सकता है। इससे गिरावट के जोखिमों को सीमित करने में मदद मिलेगी। हालांकि, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव पर निवेशकों की कड़ी नजर है। इस कारण अस्थिरता अधिक रहने की उम्मीद है।
वैश्विक बाजार का हाल
टोक्यो समय के अनुसार सुबह 10:42 बजे तक एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.2 फीसदी गिर गया। जापान का टॉपिक्स 0.3 फीसदी चढ़ा। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.4 फीसदी गिरा। हांगकांग का हेंगसेंग 1.1 फीसदी नीचे आया। शंघाई कंपोजिट में 0.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 0.9 फीसदी गिर गया। वैश्विक स्तर पर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।
तकनीकी विश्लेषण और बाजार का दृष्टिकोण
एक्सिस डायरेक्ट के शोध प्रमुख राजेश पाल्विया के अनुसार, निकट अवधि का दृष्टिकोण सतर्कता के साथ तटस्थ बना हुआ है। निफ्टी को 24,100 से ऊपर टिके रहने और उसे फिर से हासिल करने की जरूरत है। इससे बाजार की भावना में सुधार होगा। 24,400 अगला प्रतिरोध क्षेत्र बनकर उभरेगा। नकारात्मक पक्ष पर, 24,000 तत्काल समर्थन क्षेत्र है। यदि यह स्तर टूटता है, तो 23,900 की ओर और कमजोरी आ सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में कमी बाजार की मजबूत रिकवरी के लिए मुख्य उत्प्रेरक होगी।

