राजस्थान में लंबे समय से चल रही राजस्थानी भाषा को शैक्षणिक मान्यता देने की मांग पर आज सुप्रीम कोर्ट अहम फैसला सुनाने जा रहा है। यह मामला प्रदेश के स्कूलों में राजस्थानी भाषा की पढ़ाई शुरू करने और शिक्षकों की भाषा सूची में राजस्थानी को शामिल करने से जुड़ा हुआ है। फैसले को लेकर प्रदेशभर में साहित्यकारों, शिक्षाविदों, छात्रों और राजस्थानी भाषा प्रेमियों के बीच उत्सुकता बनी हुई है।
जनहित याचिका के जरिए उठाई गई मांग
यह जनहित याचिका पदम मेहता की ओर से दायर की गई थी। याचिका में कहा गया है कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और करोड़ों लोगों द्वारा बोली जाने वाली राजस्थानी भाषा को अब तक उचित संवैधानिक और शैक्षणिक पहचान नहीं मिल सकी है।
अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की तरह मान्यता देने की मांग
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि जिस प्रकार सिंधी, गुजराती और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को शिक्षा व्यवस्था में स्थान मिला हुआ है, उसी प्रकार राजस्थानी भाषा को भी शिक्षकों की भाषा श्रेणी में शामिल किया जाए।
योग्य शिक्षकों की नियुक्ति पर दिया गया जोर
याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि यदि प्रदेश में राजस्थानी भाषा का प्रभावी शिक्षण सुनिश्चित करना है, तो राजस्थानी बोलने और समझने वाले योग्य शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यक होगी। इसके बिना भाषा संरक्षण और संवर्धन के प्रयास अधूरे रहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट में उठे भाषा संरक्षण के मुद्दे
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा कि देश की अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को जब शिक्षा व्यवस्था में मान्यता दी जा सकती है, तो राजस्थानी भाषा को इससे अलग रखना उचित नहीं माना जा सकता। अदालत में भाषा संरक्षण, सांस्कृतिक पहचान और शिक्षा के अधिकार से जुड़े कई संवैधानिक पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
फैसले से शिक्षा व्यवस्था में हो सकते हैं बड़े बदलाव
माना जा रहा है कि यदि फैसला राजस्थानी भाषा के पक्ष में आता है, तो प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में राजस्थानी विषय की पढ़ाई शुरू करने का रास्ता साफ हो सकता है। इसके साथ ही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में भी राजस्थानी भाषा को शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।
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भाषा और संस्कृति पर पड़ेगा दूरगामी असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला राजस्थान की भाषा, संस्कृति और शिक्षा व्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है। इससे राजस्थानी भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को नई दिशा मिल सकती है।

