देशभर के जिला जजों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि वे अपने-अपने हाईकोर्ट से सलाह लेकर जिला जजों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल से बढ़ाकर 61 साल करने पर फैसला लें। अगर राज्य सरकार और संबंधित हाईकोर्ट दोनों इस पर सहमत होते हैं, तो यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी। हालांकि, इस मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट ही करेगा।
क्या 61 साल तक नौकरी कर सकेंगे जिला जज?
पूरे देश को प्रभावित करने वाले इस अहम मुकदमे की सुनाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने कहा कि जिन राज्यों में सरकार और हाईकोर्ट दोनों सहमत होंगे, वहां जिला जज 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद भी 61 साल तक नौकरी कर सकेंगे। यह व्यवस्था अभी अस्थायी होगी। इस मामले में अंतिम फैसला बाद में सुप्रीम कोर्ट करेगा।
शीर्ष अदालत में किस याचिका पर सुनवाई?
सुप्रीम कोर्ट इस समय ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। याचिका में मांग की गई है कि देशभर में जिला न्यायपालिका के अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 62 साल की जाए, ताकि सभी राज्यों में एक जैसा नियम लागू हो। अदालत ने संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर जल्द अंतिम फैसला सुनाया जाएगा।
पहले 62 साल की मांग क्यों ठुकराई?
पहले सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए सेवानिवृत्ति की उम्र 62 साल करने की मांग स्वीकार नहीं की थी कि हाईकोर्ट के न्यायाधीश 62 साल में सेवानिवृत्त होते हैं, इसलिए न्यायिक व्यवस्था में एक पदानुक्रम बना रहना चाहिए। लेकिन बुधवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, अगर जिला जज भी 62 साल तक काम करें तो इसमें दिक्कत क्या है? इस टिप्पणी को कोर्ट के बदले हुए रुख के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।


