लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

सीईसी विवाद पर बढ़ा सियासी संग्राम:जयराम रमेश का केंद्र पर हमला, कहा- बढ़ते गुस्से से डरी पीएम-एचएम की जोड़ी – Jairam Ramesh Attacks Modi Government Says Pm-hm Duo Rattled By Anger Political Battle Cec Row Intensifies

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सख्त कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार पर चुनाव आयोग के कामकाज को प्रभावित करने और जनता के बढ़ते गुस्से से डरने का आरोप लगाया है।  उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर जनता के बीच बढ़ती नाराजगी और गुस्से से डरी हुई है।

‘संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन’ का मुद्दा उठाया

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नागरिक और कांग्रेस कार्यकर्ता अपने वोट देने के संवैधानिक अधिकार के कथित उल्लंघन और मुख्य चुनाव आयुक्त के ‘गलत कामों’ के लिए जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे। रमेश ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ केंद्र की ओर से बेहद सख्त कार्रवाई की गई। उनके मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ युवा नागरिकों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया।

‘जनता के बढ़ते गुस्से से डरी है सरकार’

कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट में केंद्र सरकार पर और भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से विदाई के करीब होने के कारण ‘हताश PM-HM की जोड़ी’ जनता के बीच बढ़ती निराशा, गुस्से और आक्रोश से डरी हुई है। जयराम रमेश के मुताबिक, यह नाराजगी इस बात को लेकर है कि चुनाव आयोग को कथित तौर पर सरकार के नियंत्रण में ले लिया गया और संवैधानिक सिद्धांतों तथा परंपराओं का उल्लंघन करते हुए काम करने के लिए मजबूर किया गया।

SIR को लेकर पहले से जारी है सियासी विवाद

विपक्षी दलों का यह विरोध कई राज्यों में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ यानी Special Intensive Revision (SIR) अभियान को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच हो रहा है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान मतदाता सूची और डेटाबेस तक पहुंच से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कई बार आपत्तियां जताई थीं।

चुनाव आयोग ने असहमति के दावे को बताया सामान्य प्रक्रिया

हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को ‘संस्थागत असहमति’ मानने से इनकार किया है। आयोग का कहना है कि कामकाज से जुड़े सवाल उठना, आंतरिक फीडबैक देना और प्रशासनिक सुझाव देना किसी भी बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था के सामान्य कामकाज का हिस्सा है। चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि SIR अभियान से जुड़े सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

गुवाहाटी में भी सड़कों पर उतरी कांग्रेस

इसी बीच असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) ने शुक्रवार को गुवाहाटी में विरोध-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन से प्रदर्शन शुरू किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों और मतदाता सूची में किए गए बदलावों की निष्पक्ष समीक्षा की भी मांग की।

चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग तेज

विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग के कामकाज और SIR अभियान को लेकर उससे जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर अलग-अलग राज्यों में विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की प्रक्रिया सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई से अलग है। उन्हें हटाने के लिए संसदीय प्रक्रिया अपनानी होती है।

ये भी पढ़ें: Bank Strike: देशव्यापी बैंक हड़ताल के बीच एसबीआई का फैसला, 28 से 30 सितंबर तक सभी एटीएम लेनदेन रहेंगे मुफ्त

CEC को हटाने के लिए क्या है प्रक्रिया?

कानून के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके लिए सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत के साथ-साथ उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों में कम से कम दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन जरूरी है। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी भी लेनी होती है। इस पूरे विवाद के बीच एक तरफ कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को संवैधानिक संस्था के सामान्य कामकाज का हिस्सा बता रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

मौसम:दिल्ली में आज रात तेज हवाओं के साथ बरसात, यूपी में भारी बारिश का अलर्ट; 19 जिलों में बंद करने पड़े स्कूल – Rain, Strong Winds In Delhi Tonight; Heavy Rain Alert For Up; Schools Forced To Close In 19 Districts.

यूपी:सपा के वरिष्ठ नेता रामगोविंद चौधरी का निधन, रह चुके विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष; आईसीयू में थे एडमिट – Up: Senior Sp Leader Ram Govind Chaudhary, A Multiple-time Mla, Has Passed Away. He Was The Leader Of The Opp

सेवा में कमी-अनुचित व्यापार व्यवहार:फ्लाइट का समय बदला, फिर भी बोर्डिंग से रोका; इंडिगो पर 67 हजार जुर्माना – Flight Time Changed, Yet Denied Boarding; Indigo Fined ₹67,000

दिल्ली:बैंक यूनियनों की हड़ताल 28 सितंबर से, तीन दिन ग्राहकों को होगी परेशानी; रविवार को कामकाज पर असमंजस – Delhi: Bank Unions’ Strike From September 28

रूस में पुतिन का दबदबा कायम:चुनाव में यूनाइटेड रशिया की हुई रिकॉर्ड जीत, विपक्ष को कितनी सीटें मिलीं? – United Russia Wins 349 Seats In Russian Parliamentary Elections Find Out How Many Opposition Was Limited To

सीमा पर रातभर चली गोलियां:पाकिस्तान ने तालिबान लड़ाकों को मारने का किया दावा, अफगानिस्तान से बढ़ा तनाव – Pakistani Army Claims To Killed Several Afghan Taliban Fighters Tensions Between Pak And Afghan Rise Again

Leave a Comment