दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की समय-सीमा दूसरी बार बढ़ा दी गई है। निर्वाचन आयोग के अनुसार बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) का घर-घर सत्यापन अब 17 अगस्त तक चलेगा।
प्रारूप मतदाता सूची 24 अगस्त को प्रकाशित होगी, जबकि दावे और आपत्तियां 24 अगस्त से 23 सितंबर तक स्वीकार की जाएंगी। इनके निस्तारण की अंतिम तिथि 22 अक्तूबर तय की गई है और अंतिम मतदाता सूची 27 अक्तूबर को जारी होगी। अब तक 1.45 करोड़ मतदाताओं में अधिकांश को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 62 प्रतिशत से अधिक प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। ब्यूरो
बताया जा रहा है कि निर्वाचन आयोग ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि छूटे हुए वोटर्स को अपना नाम जुड़वाने का पूरा मौका मिल सके। आयोग का कहना है कि कोई भी पात्र नागरिक वोटर्स लिस्ट से बाहर न हो। इससे पहले भी एसआईआर की प्रक्रिया को राष्ट्रीय राजधानी में 10 दिन के लिए बढ़ाया गया था।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में SIR की प्रक्रिया 30 जून से शुरू हुई थी। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर वोटर्स के सत्यापन और फॉर्म बांटने और वापस लेने का काम 29 जुलाई को खत्म होना था।
रिकॉर्ड तलाश में हो रही दिक्कत
खबरें आती रही हैं कि दिल्ली में 2002 के बाद आकर बसने वाले पात्र मतदाताओं को भी अपना पुराना रिकॉर्ड तलाशने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, बीएलओ भी अपने स्तर पर कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। खास मकान में रहने वालों के पते इत्यादि से संबंधित दिक्कतें हैं।
