
Rule 60 SIP News: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के बीच इन दिनों ‘Rule 60’ की चर्चा काफी तेजी से बढ़ रही है. यह कोई सरकारी योजना या निवेश स्कीम नहीं, बल्कि एक आसान फॉर्मूला है, जिसके जरिए लंबे समय तक SIP की ताकत को समझा जा सकता है. खासतौर पर अगर आप निवेश की शुरुआत 30 साल की उम्र में करते हैं, तो नियमित निवेश और कंपाउंडिंग के दम पर 60 साल की उम्र तक के बड़ा फंड तैयार करने का मौका मिल सकता है.
इसकी सबसे खास बात यह है कि इसकी शुरुआत के लिए बहुत बड़ी रकम की जरूरत नहीं पड़ती. आप अपनी हैसियत के मुताबिक छोटी SIP से शुरुआत कर सकते है और हर साल निवेश की रकम में धीरे-धीरे इजाफा कर सकते है. ऐसे में आपकी छोटी-छोटी बचत आगे चलकर बड़ी रकम में बदल सकती है.
क्या है Rule of 60?
उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि आपकी उम्र 30 साल है और आप सितंबर से SIP की शुरुआत करते हैं. ऐसे में आपके पास 60 साल की उम्र तक पूरे 30 सालों का निवेश जारी रखने का समय होगा. इस दौरान हर साल SIP की रकम में 10% की बढ़ोतरी करने का तरीका अपनाया जाता है. इस फॉर्मूले में 12% औसत सालाना रिटर्न मानने पर छोटी शुरुआत भी लंबे समय में बड़ा फंड तैयार कर सकती है.
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SIP से कितना बनेगा फंड?
अगर 30 साल की उम्र में आप हर महीने करीब 1,150 रुपये की SIP शुरू करते हैं और हर साल निवेश में 10% का इजाफा किया जाए, तो 30 साल में करीब 22.70 लाख रूपये निवेश किए जाएंगे. अनुमानित 12% रिटर्न के आधार पर यह रकम करीब 1 करोड़ रुपये का बड़ा फंड बना सकती है. हालांकि, म्युचुअल फंड का रिटर्न बाजार की उतार चढ़ाव पर डिपेंड करता है और इसकी कोई गारंटी नहीं होती है.
Step-up SIP क्यों है जरूरी?
अगर आप शुरुआत में ज्यादा रकम निवेश नहीं कर पाते हैं, तो हर साल SIP को 5-10% बढ़ाया जा सकता है. आमदनी बढ़ने के साथ-साथ निवेश बढ़ाने से लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा मिल सकता है और बड़ा फंड तैयार करने में मदद मिलेगा.
इन बातों का रखें ध्यान
- SIP को लंबे समय तक जारी रखने की कोशिश करें.
- बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराकर SIP बंद न करें.
- निवेश से पहले अपने लक्ष्य और जोखिम क्षमता के मुताबिक ही फंड चुनें.
- इमरजेंसी जरूरतों के लिए अलग से फंड तैयार रखें.
- निवेश शुरू करने में ज्यादा देरी न करें.
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