- एक्सेंचर के राजस्व अनुमान घटाने से आईटी शेयरों में गिरावट आई.
- निफ्टी आईटी इंडेक्स 5.57% गिरा, निवेशकों को भारी नुकसान हुआ.
- इन्फोसिस, टीसीएस जैसे आईटी शेयर 8% तक गिरे हैं.
- बाजार खुलते ही निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपये डूब गए.
Stock Market Down: भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट देखी जा रही है. खासतौर पर, आईटी सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी जा रही है.
वैश्विक स्तर पर आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Accenture के अपने सालाना रेवेन्यू गाइडेंस में की गई कटौती का कुछ ऐसा असर रहा कि Nifty IT इंडेक्स 1636.20 अंक या 5.57% की भारी गिरावट के साथ 26830.25 पर आ गया. यह बीते एक महीने में आईटी सेक्टर के स्टॉक्स में आई सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है.
Accenture ने दिया करारा झटका
ग्लोबल टेक्नोलॉजी और कंसल्टिंग फर्म एक्सेंचर ने कारोबारी साल 2026 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को पहले के 3-5% से घटारक 3-4% के बीच कर दिया. चूंकि एक्सेंचर को ग्लोबल आईटी इंडस्ट्री का ‘बेलवेदर’ या दिशा तय करने वाली कंपनी माना जाता है इसलिए इसके कमजोर आकलन ने पूरी दुनिया के टेक निवेशकों को हिलाकर रख दिया.
यही वजह है कि आज टेक सेक्टर में भारी गिरावट देखी जा रही है. घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में निफ्टी IT इंडेक्स 6% तक गिर गया है. Infosys, Tech Mahindra और Tata Consultancy Services जैसे बड़े टेक शेयरों में 7% तक की बड़ी गिरावट देखी गई. यह एक बार में दूसरी बार है, जब एक्सेंचर ने अपने रेवेन्यू गाइडेंस में कटौती की है. इसके चलते कल रात भर भारतीय टेक शेयरों के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs) में भी भारी गिरावट आई.
आज शेयर बाजार में कारोबार के दौरान सभी सेक्टरल इंडेक्स में निफ्टी IT इंडेक्स सबसे ज्यादा 5.85% की गिरावट आई है. सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को पहुंचा है, जिसके शेयरों में 8% की बड़ी गिरावट आई है. इसके बाद Mphasis, TCS, टेक महिंद्रा, HCL टेक्नोलॉजीज, LTM (LTI माइंडट्री) जैसे कई दूसरे आईटी स्टॉक्स भी भारी बिकवाली का शिकार हुए.
2 लाख करोड़ मिनटों में साफ
एक्सेंचर के अपने रेवेन्यू अनुमान घटाए जाने और AI (Artificial Intelligence) के इस दौर में कंपनी द्वारा तकनीकी खर्च में कटौती किए जाने के ऐलान भर से भारतीय शेयर बाजार में भगदड़ सी मच गई. इसका असर कुछ ऐसा रहा कि बाजार खुलते ही निवेशकों की लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई. जेपी मॉर्गन की एनालिसिस के मुताबिक, बिना किसी मंदी के भी यह पिछले 30 सालों में सॉफ्टवेयर सेक्टर की सबसे बड़ी गिरावट (-34%) साबित हुई, जिसने निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति को डूबो दिया.
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