यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक सार्वजनिक पत्र लिखकर सीधे आमने-सामने बातचीत का प्रस्ताव दिया है। वर्ष 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किए जाने के बाद यह पहला मौका है जब जेलेंस्की ने पुतिन को सार्वजनिक रूप से संबोधित करते हुए पत्र लिखा है। अपने पत्र में जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए दोनों नेताओं के बीच सीधी बातचीत जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि यह बैठक किसी तटस्थ देश में आयोजित की जा सकती है। इसके लिए उन्होंने स्विट्जरलैंड, तुर्किये या किसी अरब देश का नाम संभावित मेजबान के रूप में लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत न तो मॉस्को में होनी चाहिए और न ही कीव में।
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जेलेंस्की ने लिखा कि बड़े और महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान हमेशा देशों के नेता ही करते हैं। उन्होंने पुतिन से ऐसी बैठक के लिए एक निश्चित तारीख तय करने की अपील भी की। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि केवल अमेरिका पर निर्भर रहकर युद्ध समाप्त होने का इंतजार करना सही नहीं होगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी प्रशासन का ध्यान फिलहाल अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, विशेष रूप से ईरान से जुड़े घटनाक्रमों पर भी केंद्रित है। अपने पत्र में जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि रूस युद्ध को 2027 और 2028 तक लंबा खींचने की योजना पर विचार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस अपने जमीनी अभियान में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के कारण बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का अधिक इस्तेमाल कर रहा है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि रूस बेलारूस को इस संघर्ष में और गहराई से शामिल करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही उसने मोल्दोवा के रूस समर्थित अलगाववादी क्षेत्र ट्रांसनिस्ट्रिया के आसपास भी अस्थिरता बढ़ाने का प्रयास किया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि रूस अब युद्ध की बढ़ती कीमत चुका रहा है। उन्होंने कहा कि रूस के अंदर तक किए जा रहे यूक्रेनी ड्रोन हमलों, आर्थिक दबाव, ईंधन की कमी, बढ़ती महंगाई और अतिरिक्त सैन्य भर्ती की जरूरत से मॉस्को पर दबाव बढ़ रहा है।
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जेलेंस्की के अनुसार, केवल मई महीने में ही रूस के 30,000 से अधिक सैनिक मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन के पास इन नुकसान का वीडियो सबूत भी मौजूद है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यूक्रेन को भी युद्ध में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। युद्ध समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए जेलेंस्की ने वार्ता की पूरी अवधि के दौरान पूर्ण युद्धविराम लागू करने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही उन्होंने सभी युद्धबंदियों की अदला-बदली और युद्ध के दौरान यूक्रेन से ले जाए गए नागरिकों तथा बच्चों की वापसी की मांग की। अपने पत्र के अंत में जेलेंस्की ने कहा कि दुनिया यूक्रेन से नहीं थकी है, बल्कि अब रूस को लेकर थकान बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार यूक्रेन का समर्थन कर रहा है, जबकि रूस पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

