Ration Price Hike News: साल 2026 का आगाज तो जोरदार हुआ था, लेकिन दूसरे ही महीने में दुनिया में ऐसी तबाही नजर आई जिसका असर अब तक भी देखने को मिल रहा है. फरवरी में ईरान और यूएस के बीच युद्ध शुरू हुआ , जिसका असर पूरी दुनिया में देखा गया. खासतौर से भारत में हर चीज की कीमत में इजाफा हो गया. पिछले पांच महीनों से इस युद्ध के कारण अब तक महंगाई की मार लोगों को पड़ रही है. पिछले पांच महीने में राशन की चीजों में करीब 99 प्रतिशत की कीमत वृद्धि देखी गई है.
राशन की चीजों के दाम बढ़े
ईरान और अमेरिका के बीच का युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 से हुई थी. तब से लेकर अब तक तक आम आदमी के खाने-पीने की चीजों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. हाल ही में उपभोक्ता मामले विभाग के प्राइस मॉनिटरिंग सिस्टम के की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसके अनुसार अब तक राशन की कीमतों में करीब 99 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जा चुकी है.
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यहां देखें उन चीजों की लिस्ट जिनके दाम इन पांच महीनों में बढ़ गए हैं:
| सामान | कीमतें (3 अगस्त 2026) | कीमतें (28 फरवरी 2026) | दामों में बढ़ोतरी का प्रतिशत |
| चना दाल | 86.66 रुपये | 82.01 रुपये | 5.67% |
| अरहर दाल | 123.46 रुपये | 117.50 रुपये | 5.07% |
| उड़द दाल | 121.51 रुपये | 115.80 रुपये | 4.93% |
| मूंग दाल | 111.96 रुपये | 107.41 रुपये | 4.24% |
| मसूर दाल | 90.63 रुपये | 86.88 रुपये | 4.32% |
| सरसों तेल | 196.44 रुपये | 188.88 रुपये | 4.00% |
| सोया तेल | 164.19 रुपये | 157.12 रुपये | 4.50% |
| सूरजमुखी तेल | 189.42 रुपये | 181.26 रुपये | 4.50% |
| पाम तेल | 148.50 रुपये | 142.10 रुपये | 4.50% |
| मूंगफली तेल | 205.73 रुपये | 197.81 रुपये | 4.00% |
| चीनी | 49.33 रुपये | 47.08 रुपये | 4.78% |
| नमक | 22.01 रुपये | 21.16 रुपये | 4.02% |
| दूध | 61.00 रुपये | 58.00 रुपये | 1.25% |
| चावल | 44.77 रुपये | 43.20 रुपये | 3.63% |
| आटा | 37.35 रुपये | 37.13 रुपये | 0.59% |
तेल और दाल की कीमतों में तेजी से इजाफा
इस रिपोर्ट की मानें तो खाने- पीने की मुख्य 36 चीजों में से 35 के दाम बढ़ गए हैं. इन सबमें सबसे तेजी से दाम तेल और दालों के बढ़े हैं. कुछ विशेषज्ञों की मानें तो दालों की कीमतों बढ़ोतरी की बड़ी वजह इस बार कमजोर होता मानसून है. जुलाई के आखिर तक खरीफ दालों की फसल पिछले साल की तुलना में करीब 7% कम रही है, जिसकी वजह से उत्पादन घटा और आयात बढ़ा है.

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फेस्टिव सीजन पर और बढ़ सकते हैं दाम
तो वहीं अगस्त के महीने से लगातार त्यौहारों की शुरुआत हो जाती है, ऐसे में अब और भी ज्यादा महंगाई बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं. सावन अभी चल ही रहा है, इसके बाद राखी, तीज, जन्माष्ट्री, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा, दीवाली आने में समय नहीं लगता है. ऐसे में त्योहारों के समय में सभी खाने- पीने की चीजों की मांग बढ़ने लगती है. अग वैश्विक स्तर पर अभी जो हालात बने हुए हैं वो ऐसे ही बने रहे, तो महंगाई और भी ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है.
