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Rajesh Exports: गबन- हेराफेरी के आरोपों के बीच लगातार तीसरे दिन गिरे राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर, PLI स्कीम से भी हटाई जा सकती है कंपनी

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Rajesh Export LTD Shares: बीते गुरुवार यानी 4 जून को राजेश एक्सपोर्ट उस समय चर्चा में आ गई, जब कंपनी के ऊपर धोखाधड़ी और गबन का आरोप लगा. कंपनी तभी से जांच के दायरे में है. इसी बीच सोमवार को लगातार तीसरे दिन राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड कंपनी के शेयर गिरे हैं. तो वहीं कुछ रिपोर्ट्स में ये भी बताया गया है कि कंपनी को जल्दी ही PLI स्कीम से भी हटाया जा सकता है.

कंपनी के शेयर्स में भारी गिरावट
दरअसल सोमवार को राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. कंपनी का शेयर लगातार तीसरे कारोबारी दिन 5% के लोअर सर्किट पर पहुंच गया. शेयर 4.95 रुपये गिरकर 94.50 रुपये पर बंद हुआ.

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PLI स्कीम से बाहर हो सकती है कंपनी
इसी बीच कुछ सूत्रों ने ये जानकारी दी है कि मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज, राजेश एक्सपोर्ट्स को एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) बैटरी स्टोरेज के लिए दी गई PLI योजना के लाभार्थियों की लिस्ट से हटाने पर भी विचार कर रही है. आखिर फैसला केंद्रीय मंत्री एडी कुमारस्वामी की मंजूरी के बाद लिया जाएगा.

SEBI ने लगाए हैं ये आरोप
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने 3 जून को जारी एक अंतरिम आदेश में आरोप लगाया कि कंपनी के कुछ फंड निजि खातों और प्रमोटरों से जुड़ी संस्थाओं के जरिए भेजे गए, जिसकी सही जानकारी निवेशकों को नहीं दी गई. SEBI का ये भी दावा है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच अपने (Revenue) को करीब 15.15 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया हो सकता है.

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कंपनी ने आरोपों को बताया गलत
वहीं इस पूरे मामले पर जब कंपनी के संस्थापक और चेयरमैन राजेश मेहता का भी बयान सामने आया है. उन्होंने बताया कि SEBI के आरोप पूरी तरह से गलत हैं. उनका कहना है कि कंपनी पहले ही 300 से 400 जीबी डेटा और लाखों पन्नों के दस्तावेज जमा कर चुकी है. हो सकता है कि SEBI को जरूरी दस्तावेज नहीं मिले हों. कंपनी आने वाले 15 दिनों में सभी दस्तावेज दोबारा जमा करेगी.

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