पंजाब निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी का झाड़ू चल गया है। आठ निगम, 75 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों के लिए हुए 1977 वार्डों के चुनाव में आप ने स्पष्ट बहुमत लिया है। वहीं भाजपा ने अबोहर निगम में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

पंजाब में स्थानीय निकाय चुनाव में अक्सर सत्तारूढ़ दल पर ही मतदाताओं का भरोसा कायम रहने की प्रथा इस बार भी कायम रही है। सूबे के सयाने मतदाताओं ने डबल इंजन की सरकार बनाकर अपने वार्डों के विकास को रफ्तार देने का काम कर दिया है।
इस बार पंजाब में निकाय चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे। विरोधियों ने इस बार खेला होने का दावा किया। हालांकि मतपेटियां खुलने के बाद साफ हो गया कि जनादेश आप को मिला है।
अबोहर में भाजपा का परचम, 50 में से 28 सीटों पर कब्जा
अबोहर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 50 में से 28 सीटों पर जीत दर्ज कर नगर निगम बोर्ड में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार होने के बावजूद भाजपा की यह जीत राजनीतिक तौर पर बेहद अहम मानी जा रही है।
चुनाव में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और विधायक संदीप जाखड़ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। परिणामों ने साफ कर दिया कि अबोहर क्षेत्र में जाखड़ परिवार का प्रभाव अब भी मजबूत बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने विकास कार्यों, व्यक्तिगत संपर्क और क्षेत्र में पकड़ को देखते हुए भाजपा के पक्ष में मतदान किया।
नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी को 20 सीटों से संतोष करना पड़ा जबकि कांग्रेस सिर्फ एक सीट जीत सकी। एक सीट पर आजाद उम्मीदवार विजयी रहा। शिरोमणि अकाली दल खाता भी नहीं खोल सकी।
भाजपा समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और मिठाइयां बांटीं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने संगठनात्मक मजबूती, बूथ स्तर की रणनीति और जाखड़ परिवार की साख के दम पर बढ़त बनाई।
