भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा है कि अब न केवल जनता बल्कि विपक्षी गठबंधन इंडिया के सहयोगी दलों का भी उन पर भरोसा नहीं रहा है। भाजपा ने दावा किया कि डीएमके के मुखपत्र मुरासोली में प्रकाशित संपादकीय राहुल गांधी के नेतृत्व पर उठ रहे सवालों को उजागर करता है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने बुधवार को कहा कि राहुल गांधी विपक्षी दलों के लिए ‘राजनीतिक बोझ’ बन गए हैं। उनका कहना था कि डीएमके के मुखपत्र में प्रकाशित लेख में राहुल गांधी पर गठबंधन सहयोगियों को कमजोर करने और विपक्षी एकता को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।

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‘डीएमके ने राहुल को राजनीतिक रूप से अपरिपक्व बताया’
शहजाद पूनावाला ने कहा कि डीएमके ने राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से अपरिपक्व बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों का इस्तेमाल करती है और बाद में उन्हें किनारे कर देती है। भाजपा नेता के मुताबिक, इंडिया गठबंधन के कई दल राहुल गांधी के नेतृत्व से असंतुष्ट हैं। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु में डीएमके, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), वाम दल, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) जैसे दल समय-समय पर राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।
इंडिया गठबंधन की बैठक में राहुल के नेतृत्व पर उठा सवाल- पूनावाला
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में भी कई सहयोगी दलों ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए और उनके नेतृत्व में काम करने को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी, जो कांग्रेस के बाद गठबंधन की बड़ी पार्टियों में शामिल है, उसने भी राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर शिकायत की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि डीएमके ने इंडिया गठबंधन की हालिया बैठक में हिस्सा नहीं लिया और आम आदमी पार्टी (आप) सहित अन्य सहयोगी दलों को भी राहुल गांधी से शिकायतें हैं।
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हालांकि, कांग्रेस और डीएमके की ओर से भाजपा के इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी दल आगामी चुनावी रणनीति और इंडिया गठबंधन की एकजुटता को मजबूत करने की कोशिशों में जुटे हैं।
