दुनियाभर में बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी किए बिना प्रधानमंत्री के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या घटा दी गई है। एक वीडियो में पीएम मोदी के काफिले में सिर्फ 2 गाड़ियां दिखी। सरकार के इस कदम को ईंधन बचत और खर्च नियंत्रण की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।


सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला सुरक्षा एजेंसियों और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के मानकों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब केवल जरूरी सुरक्षा और संचालन से जुड़े वाहन ही प्रधानमंत्री के काफिले का हिस्सा होंगे।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi has reduced his convoy size significantly. Reduction in vehicles was done while maintaining essential security components as per SPG protocol. pic.twitter.com/kuC9OfyAxN
— ANI (@ANI) May 13, 2026
सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह पूरी तरह मजबूत रहेगी। एसपीजी प्रोटोकॉल में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है और सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पहले की तरह लागू रहेंगे। हालांकि, अनावश्यक वाहनों को हटाकर काफिले को अधिक व्यवस्थित और ऊर्जा-कुशल बनाने पर जोर दिया गया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी सुझाव दिया है कि जहां संभव हो, काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाया जाए। हालांकि इसके लिए नए वाहन खरीदने के बजाय मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया है। सरकार के इस कदम को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
भाजपा शासित राज्यों में भी दिखने लगा असर
प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल का असर भाजपा शासित राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। कई राज्यों में मुख्यमंत्री और मंत्री अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटाने पर विचार कर रहे हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित अन्य नेताओं ने भी अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटाने का निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री ने की थी संसाधनों के बचत की अपील
यह कदम प्रधानमंत्री की उस व्यापक अपील का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने अनावश्यक यात्रा कम करने और राष्ट्रीय संसाधनों की बचत पर जोर दिया था। ईरान युद्ध से पैदा हुए ऊर्जा संकट और वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को देश से मिलकर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, आपूर्ति श्रृंखला में बाधा और महंगाई के दबाव का सामना करने की अपील की थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से राष्ट्र के लिए जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने और स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की थी। उन्होंने कहा, अगर हम हर चीज के लिए आयात पर निर्भर रहेंगे तो देश कैसे आगे बढ़ेगा? उन्होंने लोगों से एक साल तक सोने की गैरजरूरी खरीद से बचने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए विदेश यात्रा न करने की भी सलाह दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार की बचत देशभक्ति का कार्य है और लोगों से विदेशों में छुट्टियां और गंतव्य विवाह (डेस्टिनेशन वेडिंग) न करने की अपील की। उन्होंने देश के भीतर पर्यटन और आयोजनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
