प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा पूरी कर गुरुवार को दिल्ली लौटे। इसके बाद पीएम मोदी ने आज केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ अहम समीक्षा बैठक की है। रिपोर्ट्स की मानें तो मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रालयों, सरकारी योजनाओं और पश्चिम एशिया संकट के चलते पैदा हुए हालातों की समीक्षा की। शाम 5 बजे ‘सेवा तीर्थ’ में शुरू हुई इस बैठक में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, यह इस साल मंत्रिपरिषद की पहली पूर्ण बैठक थी।

कई मंत्रालयों ने दी प्रजेंटेशन
सूत्रों के मुताबिक, इस अहम बैठक में नौ मंत्रालयों की ओर से प्रजेंटेशन दी। सबसे पहले वाणिज्य मंत्रालय ने प्रस्तुति दी, इसके बाद पेट्रोलियम, गृह मंत्रालय, वित्त और विदेश मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालयों के काम की भी समीक्षा की गई।
ईज ऑफ लिविंग पर जोर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेवा तीर्थ में करीब साढ़े चार घंटे चली इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईज ऑफ लिविंग पर जोर दिया। इसके अलावा पीएम मोदी ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को सलाह दी कि वे जनता को सरकार के 12 साल के कार्यों के बारे में बताएं। बैठक में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालातों को लेकर भी चर्चा की गई है। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकसित भारत 2047 सिर्फ नारा नहीं, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता है। सभी मंत्रालय अपने काम को 2047 के विजन के अनुरूप प्लान करें।
पश्चिम एशिया संकट के चलते पैदा हुए हालातों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को कहा कि ऐसे कदम उठाए जाएं जिससे इस संकट की वजह से आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो। खासतौर पर एनर्जी, खेती, खाद, एविएशन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों पर खास ध्यान दिया गया।

