भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को सुधारने, आपसी संपर्क दोबारा शुरू करने और राजनायिक संबंध को बहाल करने को लेकर सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ को खुला पत्र लिखा था. लेटर सामने आने के बाद बीजेपी प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने दो टूक कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को प्रश्रय देता रहेगा, तब तक बातचीत नहीं होगी.
भारत और पाकिस्तान के कुछ नागरिकों की ओर से पत्र लिखने पर बीजेपी प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादियों को शरण देता रहेगा तब तक बातचीत नहीं होगी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘इन लोगों का पाकिस्तान प्रेम बीच-बीच में जागता रहता है. शांति के कबूतर उड़ाने की इनकी आदत है.’
‘ पहले आतंकियों का समर्थन बंद करे पाकिस्तान’
प्रेम शुक्ला ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारियों के ‘पाकिस्तान से संवाद’ वाले बयान पर साफ कहा, ‘पाकिस्तान आतंकवादियों का समर्थन करना बंद कर दे तो बातचीत शुरू हो जाएगी.’ हाल ही में RSS के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने कहा था कि भारत को ‘पाकिस्तान के साथ संवाद के दरवाज़े पूरी तरह बंद नहीं करने चाहिएं.’ हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि आतंकवाद के प्रति कड़े रुख में कोई नरमी नहीं बरतनी चाहिए.
भारत-पाक के 117 प्रमुख लोगों ने लिखा ओपन लेटर
भारत-पाक के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करने और लोगों के आपसी संपर्क फिर शुरू करने की मांग को लेकर भारत और पाकिस्तान के 117 प्रमुख लोगों ने संयुक्त शांति प्रस्ताव के तहत पत्र पर साइन किया है. इसमें भारत की ओर से फारूक अब्दुल्ला, मीरवाइज उमर फारूक, महबूबा मुफ्ती, मनोज झा और हुमायूं कबीर समेत 61 हस्ताक्षरकर्ता शामिल हैं. डिजिटल फॉर्मेट पर नेताओं ने हस्ताक्षर किया है.
सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस की ओर से पीएम मोदी और शहबाज शरीफ को लिखे गए ओपन लेटर में भारत-पाक के बीच बातचीत, पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करने और लोगों के आपसी संपर्क फिर शुरू करने की मांग की है. साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक आवाजाही को बढ़ावा देने की भी अपील की गई है.


