Fuel Prices in Pakistan-Bangladesh: पश्चिम एशिया में तनाव के चलते अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में काफी देखने को मिली. इसके चलते भारत के पड़ोसी देशों में ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं. पाकिस्तान में पेट्रोल लगभग 40-50% तक महंगा हो चुका है. बांग्लादेश में भी पेट्रोल की कीमतें करीब 43% तक बढ़ गई हैं. गनीमत है कि भारत सरकार ने सूझबूझ से कदम उठाते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को इस बड़े झटके से बचा लिया.
पाकिस्तान और बांग्लादेश में बिगड़े हालात
पाकिस्तान में सरकार ने हाल ही में बीते 11 जुलाई को पेट्रोल की कीमतों में 13 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी की है. इससे अब यहां पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर बढ़कर 310.71PKR हो गई है, जो भारतीय मुद्रा में 106.59 रुपये के बराबर है. यहां डीजल की कीमत 323.30 रुपये है, जो भारतीय करेंसी में करीब 110.91 रुपये है.
बांग्लादेश का भी कुछ यही हाल है. यहां पेट्रोल की कीमतें जून में 109.82 टका प्रति लीटर है, जबकि जून 2022 में यहां पेट्रोल की कीमतें 76.97 टका थी. यानी कि कीमतों में 42.69% का उछाल आया है. इससे साफ है कि भारतीय मुद्रा के हिसाब से देखें, तो पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों ही देशों में ईंधन की कीमतें भारत के कई राज्यों के मुकाबले 5-10 रुपये तक महंगी पड़ रही है.
भारत में क्या है स्थिति?
वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें भले ही आसमान छू रही हैं, लेकिन इस संकट के दौर में भी भारत में ईंधन की कीमतों में महज 5.58%-7.76% का ही इजाफा हुआ. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की बढ़ी कीमतों के झटके को सरकारी तेल कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) झेल गईं ताकि आम जनता पर महंगाई का कोई असर न पड़े. स्थिति थोड़ी सामान्य हुई, तो पेट्रोल और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 1 जुलाई, 2026 से सभी अस्थायी पाबंदियां हटा ली.
इसके अलावा, सरकार ने घरेलू स्तर पर सप्लाई बढ़ाने के लिए पेट्रोल पर निर्यात शुल्क को बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दिया ताकि कंपनियां देश के बाहर तेल बेचने से पहले घरेलू बाजारों को प्राथमिकता दे.
Q2. How did India move to 20 percent blending so quickly?
🔹In 2021, India required around 500 to 600 crore litres of ethanol annually to achieve 10 percent blending. As fresh investments expanded production capacity, annual ethanol availability approached 1,200 crore litres.… pic.twitter.com/HKYjmSAKnp
— PIB India (@PIB_India) July 10, 2026
E20 पर सरकार ने क्या दी सफाई?
सरकार ने E20 फ्यूल को लेकर लोगों के मन में उठ रहे सवालों पर सफाई देते हुए इससे पुरानी गाड़ियों को नुकसान पहुंचने की आशंकाओं को खारिज कर दिया. सरकार का दावा है कि E20 ईंधन को बाजार में उतारने से पहले 40000 से अधिक वाहनों पर इसका व्यापक परीक्षण किया गया है और यह पूरी तरह से सुरक्षित है.
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