Petrol-Diesel Rate Today on April 26: पेट्रोल-डीजल की कीमतें इंसान की जेब पर असर डालती हैं, जो हर रोज सुबह तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अपडेट करती हैं. इसकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपये एक्सचेंज रेट के आधार पर तय होती हैं. इसकी कीमतें ऑटो-रिक्शा चालकों से लेकर ऑफिस जाने वाले व्यक्ति को भी प्रभावित करती हैं. रही आज की बात, तो आज 26 अप्रैल को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि ईरान में जंग के चलते पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है. इसके चलते होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के जरिए एनर्जी सप्लाई में आ रही रुकावटका असर पूरी दुनिया पर पड़ता नजर आ रहा है.
आज पेट्रोल-डीजल का रेट
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
| मुंबई | 103.54 | 90.03 |
| कोलकाता | 105.45 | 92.02 |
| चेन्नई | 100.80 | 92.39 |
| बेंगलुरु | 102.92 | 90.99 |
| भोपाल | 106.52 | 91.89 |
| भुवनेश्वर | 101.10 | 92.69 |
| देहरादून | 93.17 | 88.01 |
| गंगटोक | 103.35 | 90.45 |
कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत?
- जैसा कि पहले ही कहा चुका हैकि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर तय होती हैं. पेट्रोल और डीजल दोनों का ही उत्पादन कच्चे तेल से होता है इसलिए ग्लोबल ऑयल मार्केट में कीमतें बढ़ने से इसका असर देश में फ्यूल रेट पर पड़ता है.
- इसके अलावा, केंद्र और राज्य दोनों सरकारों द्वारा पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाया जाता है. यही वजह है कि राज्यों में पेट्रोल और डीजल की दरें अलग-अलग होती हैं. उपभोक्ताओं द्वारा पंप पर देखे जाने वाले खुदरा मूल्य में परिवहन लागत और प्रचलित मांग-आपूर्ति की स्थितियां भी शामिल होती हैं.
- साथ ही कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने के लिए उसकी रिफाइनिंग की जाती है. इस पर आए खर्च से भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय होती है. रिफाइनिंग की लागत आमतौर पर कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है.
- भारत कच्चे तेल का भारी मात्रा में आयात करता है, जिसकी खरीदारी डॉलर में होती है. ऐसे में अगर रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ, तो इससे कच्चे तेल के आयात पर अधिक खर्च बैठता है. इसका असर उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है.
ये भी पढ़ें:
साबुन से लेकर चिप्स-बिस्किट तक हो जाएंगे महंगे! भारत के सामने अब एक और नया संकट

