पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के जनाजे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे कुछ लोगों की मौजूदगी का दावा किया जा रहा है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद एक बार फिर पाकिस्तान में आतंकियों की सार्वजनिक मौजूदगी और उन्हें मिलने वाले कथित संरक्षण को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
Lashkar-e-Taiba (LeT) terrorists openly attended Shoaib Akhtar’s brother Shahid Akhtar’s funeral. PMML’s Inam Rehman & other LeT terrorists were present…video officially released by LeT/PMML itself.
Where are the ‘keep sports & terrorism separate’ champions now ? Your silence is… pic.twitter.com/vxSX6kYBVc— Major Surendra Poonia (@MajorPoonia) June 26, 2026
शाहिद अख्तर का 24 जून को निधन हो गया था। इसके बाद इस्लामाबाद के एच-8 कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाजे में खेल, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान वायरल हुए वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा के उप प्रमुख सैफुल्लाह कसूरी और पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) से जुड़े कुछ नेताओं के मौजूद होने का दावा किया गया है। हालांकि, इन वीडियो और तस्वीरों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
कौन हैं सैफुल्लाह कसूरी और क्यों हैं चर्चा में?
सैफुल्लाह कसूरी को भारत की सुरक्षा एजेंसियां 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल मानती हैं। इस हमले में 25 पर्यटकों की मौत हुई थी। भारत ने हमले के बाद कई कड़े कदम उठाए थे। इनमें सिंधु जल संधि को स्थगित करना और ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई शामिल थी। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकियों को संरक्षण देने का आरोप लगाता रहा है।
जनाजे में और कौन-कौन दिखने का दावा किया जा रहा है?
वायरल वीडियो और तस्वीरों में पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के इस्लामाबाद अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान कम्बोह समेत कई अन्य नेताओं के दिखाई देने का दावा किया गया है। पीएमएमएल को लेकर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि यह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों का राजनीतिक मंच है। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी हाफिज सईद से जुड़े कई संगठनों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे हुए हैं।
क्या पाकिस्तान में आतंकियों की खुलेआम मौजूदगी पर फिर उठे सवाल?
जनाजे में कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े लोगों की मौजूदगी के दावों ने पाकिस्तान की भूमिका पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। भारत सहित कई देश पहले भी पाकिस्तान पर अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगा चुके हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों में ऐसे लोगों की कथित मौजूदगी ने इन आरोपों को फिर चर्चा में ला दिया है।
क्या शोएब अख्तर या पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है?
अब तक शोएब अख्तर या उनके परिवार की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने भी वायरल वीडियो और तस्वीरों को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया है। ऐसे में इन दावों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है।

