नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ लॉन्च होने की दिशा में आगे बढ़ गया है। देश के सबसे बड़े शेयर बाजार ने बुधवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के पास आईपीओ से जुड़े 614 पन्नों के जरूरी दस्तावेज (डीआरएचपी) जमा कर दिए हैं। यह आईपीओ लाने की प्रक्रिया में अहम कदम माना जाता है। आईपीओ आने के बाद एनएसई के शेयर बीएसई पर ठीक उसी तरह सूचीबद्ध होंगे, जैसे बीएसई के अपने शेयर एनएसई पर सूचीबद्ध हैं।

यह आईपीओ पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (ओएफएस) होगा। यानी एनएसई को इस आईपीओ से नया पैसा नहीं मिलेगा। इसके बजाय, कंपनी के मौजूदा शेयरधारक अपने कुछ शेयर निवेशकों को बेचेंगे। इस प्रक्रिया में मौजूदा शेयरधारक एनएसएई की करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचेंगे।
भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बनेगा?
फिलहाल एनएसई का गैर-सूचीबद्ध मूल्य बाजार अनुमानित पांच लाख करोड़ रुपये है। इस आधार पर विशेषज्ञों का अनुमान है कि आईपीओ का कुल आखार करीब 30 हजार करोड़ रुपये हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह हाल के वर्षों में सबसे बड़े आईपीओ में शामिल होगा और 2024 में आए ह्यूंडई मोटर इंडिया के करीब 27 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ से भी बड़ा हो सकता है।
क्या एलआईसी इस आईपीओ में हिस्सा नहीं बेच रही है?
गौर करने वाली बात यह है कि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी और एनएसई की मौजूदा शेयरधारक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) इस शेयर बिक्री में अपने शेयर नहीं बेच रही है। बेचने वाले शेयरधारकों की सूची के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सबसे बड़ा विक्रेता शेयरधारक है, जो 2.47 करोड़ से अधिक कके शेयर बेचने की पेशकश कर रहा है। मॉरीशस स्थित एमएस स्ट्रैटेजिक लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयर बेचेगी, जबकि कनाडा पेंशन योजना निवेश बोर्ड लगभग 1.19 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगा।
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कौन-कौन बेच रहा है अपनी हिस्सेदारी?
अन्य विक्रेताओं में अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्राइवेट लिमिटेड शामिल है, जो करीब 1.12 करोड़ के शेयर बेचेगी। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा लगभग 1.10 करोड़ और स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड लगभग 1.10 करोड़ शेयर बेचेंगे। सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया करीब 1.07 करोड़ शेयर और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड लगभग 1.05 करोड़ शेयर बेच रही है। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड भी लगभग 60-60 लाख शेयर बेचेंगी।
