लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

New Exit Polls:क्या कहते हैं आज के एग्जिट पोल्स? असम के 12वें पोल में भी भाजपा, बंगाल के अनुमानों का इंतजार – Exit Polls 2026 Bengal Assam Kerala Tamil Nadu Election Results Predictions Vidhan Sabha Chunav Vote Counting

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुए हैं। कई सर्वे एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल के अनुमान जारी कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या तृणमूल कांग्रेस इस बार भी सत्ता को बनाए रखने में कामयाब हो पाएगी या भाजपा पहली बार भद्रलोक कहे जाने वाले बंगाल में अपने दम पर राजनीतिक पैठ बनाने में सफल रहेगी। 2021 के चुनाव में अनुमानों के उलट नतीजे आए थे। ममता बनर्जी बीते 15 वर्ष से बंगाल में मुख्यमंत्री हैं। खेला होबे जैसे चुनावी नारे के साथ भाजपा को पटखनी देने वाली सीएम ममता और उनके प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य कैसा है?

बंगाल में कौन कितना दमदार, एग्जिट पोल अनुमान क्या?

पांच साल के बाद 2026 चुनाव में किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों और दलों की क्या स्थिति रहेगी? ममता बनर्जी की पार्टी- तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक चिह्न- दो पत्तियों के मुकाबले भाजपा के चुनावी निशान कमल में कौन कितना दमदार है? इतिहास में हुई सर्वाधिक वोटिंग के बाद सर्वे एजेंसियों राज्य की जनता का मिजाज कैसा है? क्या बंगाल की जनता बदलाव का मूड बना चुकी है? ऐसे तमाम सवालों के जवाब इस एग्जिट पोल अपडेट्स में पढ़िए-

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव: एग्जिट पोल के अनुमानों पर आधारित ये खबरें भी पढ़ें-

असम में भाजपा की लहर: चाणक्य के एग्जिट पोल में NDA 100 पार, विपक्ष पस्त

टुडेज चाणक्य के ताजा विश्लेषण के अनुसार, असम विधानसभा चुनाव 2026 में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा गठबंधन ऐतिहासिक जीत की ओर अग्रसर है। सीट प्रोजेक्शन के मुताबिक, 126 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा+ को 102 सीटें मिलने का अनुमान है, जो दो-तिहाई बहुमत से कहीं अधिक है। हालांकि, इसमें 9 सीटें आगे पीछे हो सकती है। वहीं, कांग्रेस नीत गठबंधन महज 23 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है। इसमें भी 9 सीटें आगे पीछे हो सकता है। यह आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि राज्य की जनता ने विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर एक बार फिर एनडीए पर भरोसा जताया है, जिससे विपक्ष का पूरी तरह सूपड़ा साफ होने की उम्मीद है।


केरल में लेफ्ट का किला ढहने के संकेत: पोल मंत्रा के सर्वे में UDF को प्रचंड बहुमत, बैकफुट पर वामपंथी सरकार

पोल मंत्रा के एग्जिट पोल ने केरल की राजनीति में बड़े उलटफेर की भविष्यवाणी करते हुए सत्तारूढ़ एलडीएफ की विदाई और यूडीएफ की शानदार वापसी का अनुमान जताया है। सर्वे के अनुसार, 140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस नीत यूडीएफ 38.5% मतों के साथ 88 से 92 सीटें जीतकर बहुमत के आंकड़े को आसानी से पार कर सकता है, जबकि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला एलडीएफ गठबंधन महज 42 से 46 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है। वहीं, भाजपा नीत एनडीए को 20.2% वोट शेयर के साथ सीटों में मामूली बढ़त मिलने की संभावना है। 


चाणक्य के एग्जिट पोल में UDF-LDF के बीच फंसा पेच, किंगमेकर की भूमिका में दिख रही भाजपा

टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल ने केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है। विश्लेषण के अनुसार, 140 सदस्यीय सदन में कांग्रेस नीत यूडीएफ 69 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े के करीब है, जबकि सत्तारूढ़ एलडीएफ 64 सीटों के साथ उन्हें कड़ी टक्कर दे रहा है। इसमें 9 सीटें घटने बढ़ने का अनुमार लगाया गया है। सर्वे में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा भाजपा गठबंधन का है, जिसे सात सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, जो त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में सत्ता की चाबी अपने हाथ में रख सकती है। इसमें भी चार सीट घट बढ़ सकती है। मार्जिन ऑफ एरर को देखते हुए दोनों मुख्य गठबंधनों के बीच फासला बेहद कम है, जिससे चार मई को आने वाले वास्तविक परिणाम किसी भी पक्ष में झुक सकते हैं।

तमिलनाडु में स्टालिन की सत्ता बरकरार, चाणक्य के एग्जिट पोल में टीवीके बनी मुख्य विपक्षी ताकत

टुडेज चाणक्य के ताजा एग्जिट पोल के अनुसार मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला डीएमके+ गठबंधन 125 सीटें जीतकर बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर सकता है। इसमें 11 सीटें बढ़ घट सकती हैं।  वहीं, अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) 63 सीटों के साथ राज्य की दूसरी सबसे बड़ी शक्ति के रूप में उभरते हुए दिखाया गया है। इसमें 11 सीटें घट बढ़ सकती हैं। एआईएडीएमके महज 45 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर खिसकता नजर आ रहा है।


एक्सिस माई इंडिया ने एग्जिट पोल के आंकड़े जारी करने से किया इनकार, डेटा की साख पर उठे गंभीर सवाल

प्रमुख सर्वे एजेंसी एक्सिस माई इंडिया ने इस बार पश्चिम बंगाल का एग्जिट पोल जारी नहीं करने का निर्णय लिया है। एजेंसी ने डाटा की गुणवत्ता और सांख्यिकीय भरोसे में कमी को इसका मुख्य कारण बताया है। यह घोषणा चुनाव नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे करोड़ों दर्शकों के लिए काफी चौंकाने वाली है।

एजेंसी ने बताया कि पिछले सात दिनों के दौरान राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर सघन फील्ड रिसर्च की थी। इस बड़े अभियान के लिए 80 प्रशिक्षित सर्वेक्षकों की एक विशेष टीम तैनात की गई थी। इन सर्वेक्षकों को 16 स्वतंत्र इकाइयों में बांटा गया था। टीम ने मतदाताओं से बात करने के लिए मानक एग्जिट पोल प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया। इस दौरान 13,250 से अधिक लोगों का सैंपल लिया गया था।

खुद फील्ड पर उतरे थे एक्सिस माई इंडिया के मुखिया

एक्सिस माई इंडिया के मुखिया प्रदीप गुप्ता खुद भी जमीन पर उतरे थे। उन्होंने सर्वे की पूरी प्रक्रिया और जमीनी हालात का जायजा लिया। हालांकि, पश्चिम बंगाल में सर्वे के दौरान टीम को एक बेहद कठिन और सांख्यिकीय चुनौती मिली। एजेंसी ने मतदाताओं के बीच नॉन-रिस्पॉन्स यानी जवाब न देने की दर बहुत ज्यादा पाई।

आंकड़ों के मुताबिक, सर्वे के लिए संपर्क किए गए लगभग 70 प्रतिशत मतदाताओं ने हिस्सा लेने से मना कर दिया। आमतौर पर सर्वे मॉडल में कुछ हद तक हिचकिचाहट को शामिल किया जाता है। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों का इनकार करना ऐतिहासिक रिकॉर्ड से बहुत ज्यादा है। इससे सटीक नतीजे निकालना लगभग असंभव हो जाता है।

प्रदीप गुप्ता ने क्या-क्या कहा? 

प्रदीप गुप्ता ने कहा, ‘एक कड़ी चुनावी लड़ाई में शांत मतदाता व्यवहार से जोखिम बहुत बढ़ जाता है। यह किसी भी अनुमान की मजबूती को सीमित कर देता है।’ सांख्यिकीय नजरिए से देखें तो जवाब न देने का यह स्तर वोट-शेयर के सटीक अनुमान में बड़ी रुकावट डालता है। एजेंसी किसी भी गलत अनुमान से बचना चाहती है। एक्सिस माई इंडिया ने जानकारी दी है कि टीम ने 8,324 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय किया था। एक्सिस माई इंडिया बंगाल चुनाव के अपने निष्कर्षों को प्रकाशित करने के लिए तैयार थी। लेकिन डाटा की आंतरिक समीक्षा और सांख्यिकीय विश्वास के स्तर को देखने के बाद फैसला बदल दिया गया। एजेंसी ने बहुत सोच-समझकर एग्जिट पोल के अनुमानों को सार्वजनिक न करने का निर्णय लिया।

प्रदीप गुप्ता ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा, ‘हम जानते हैं कि इस फैसले से दर्शकों को निराशा होगी। लेकिन कार्यप्रणाली की ईमानदारी और डाटा की साख के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सबसे ऊपर है। हम उन अनुमानों को पेश करना जिम्मेदारी भरा नहीं समझते जो हमारे आंतरिक मानकों पर खरे नहीं उतरते। इसलिए हमने प्रकाशन रोकने का फैसला किया है। बताते चलें कि पश्चिम बंगाल में साइलेंट वोटर हमेशा से चुनावी पंडितों के लिए पहेली रहे हैं।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Oil:ईरान से कच्चे तेल के साथ अब गैस आयात का भी खुला रास्ता, आर्थिक प्रतिबंध हटने से भारत को होगा क्या फायदा? – Oil Gas Import Crude Oil From Iran How Will India Benefit From Lifting Sanctions Us West Asia

राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी का ओडिशा दौरा आज, 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात – Pm Modi To Visit Odisha On 20 June With President Of India Murmu Mayurbhanj Inauguration Of Various Project

Usa Vs Australia:मेजबान अमेरिका के आगे बेबस दिखा ऑस्ट्रेलिया, 2-0 की जीत के साथ राउंड-ऑफ-32 में पहुंची टीम – Fifa World Cup 2026 Usa Vs Australia Highlights Today Football Match Result Key Moments Photos

दिमाग का इस्तेमाल करें:ट्रंप की इस्राइल को सलाह, बोले- हिजबुल्ला के साथ युद्धविराम के लिए किया मजबूर – Trump Says He Urged Israel To Agree To Ceasefire Deal With Hezbollah

अमेरिका:ट्रंप ने किया नए एयर फोर्स वन का अनावरण, बदल गया रंग और डिजाइन; कतर से मिला विमान – Trump Unveils New Air Force One, A Converted Qatari Jet

Railways:ट्रेन में बिना टिकट यात्रा पर अब दोगुना जुर्माना, 13 साल बाद बदले नियम; एक जुलाई से होंगे लागू – Railways Fine For Ticketless Travel On Trains Now Doubled Revises Rules After 13 Years Take Effect From July 1

Leave a Comment