Movie Review
मुसाफिर कैफे
कलाकार
विक्रांत मैसी
,
वेदिका पिंटो
,
महिमा मकवाना
,
आदिल हुसैन
,
राजीव सिद्धार्थ
,
अनुभा फतेहपुरिया
,
सादिया सिद्दीकी
और
लवलीन मिश्रा
लेखक
शारण्या राजगोपाल (दिव्य प्रकाश दुबे के उपन्यास मुसाफिर कैफे के किरदारों पर आधारित)
निर्माता
विजय सुब्रमण्यम, अनुज गोसालिया, विक्रांत मैसी
ओटीटी प्लेटफॉर्म
नेटफ्लिक्स
ओटीटी पर हर हफ्ते कई रोमांटिक ड्रामा आते हैं, लेकिन कम ही कहानियां ऐसी होती हैं, जो प्यार को सिर्फ मंजिल नहीं, बल्कि सफर की तरह दिखाती हैं। नेटफ्लिक्स की ‘मुसाफिर कैफे’ ऐसी ही सीरीज है। यह रिश्तों में सही-गलत का फैसला सुनाने की बजाय हर किरदार की मजबूरी और नजरिए को समझने की कोशिश करती है। इसलिए कई बार आप सुधा की बात से सहमत होंगे, तो अगले ही पल चंदर का फैसला भी गलत नहीं लगेगा। यही इसकी सबसे बड़ी खूबी भी है।